
पाली. कर्नाटक में सत्ता से चंद फासले दूर रही भाजपा ने बड़ा सबक लिया है। अब वह अगले छह माह बाद राजस्थान समेत अन्य प्रदेशों में होने वाले चुनावों को लेकर चौकन्नी हो गई है। पार्टी ने हाल ही में बूथ स्तर पर चलाए सत्यापन अभियान में निष्क्रिय और फर्जी कार्यकर्ताओं का पता लगाया है। अब वह बूथ स्तर पर मजबूती से पेश आएगी। साथ ही अगले छह माह तक आक्रामक ढंग से कार्यक्रमों की शृंखला चलाने की भी योजना है।
पार्टी ने प्रदेशभर में २१ से २६ मई तक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बूथ सत्यापन शिविरों का आयोजन किया था। इनमें जिला एवं प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों ने बूथ स्तरीय कमेटियों के साथ मंत्रणा की। इनमें खुलासा हुआ कि कई बूथों पर कागजों में ही कार्यकारिणी काम कर रही है। पार्टी ने एेसे कार्यकर्ताओं को बदलने की भी तैयारी की है। पार्टी की रणनीति है कि बूथ के जरिए हर मतदाता पर सीधा फोकस किया जाए और उन्हें केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं से अवगत कराया जाए।
नजर से नहीं बच सकता कोई मतदाता
भाजपा ने एेसा संगठनात्मक ढांचा तैयार किया है कि कोई भी मतदाता उसकी नजर से नहीं छूट पाएगा। औसतन एक पन्ना प्रमुख को २० से २५ मतदाताओं को संभालने का जिम्मा दिया हुआ है। पेज प्रमुख को इससे दुगुना यानी ४० से ५० मतदाताओं को साधने की जिम्मेदारी दी हुई है। माइक्रो लेवल की यह सबसे निचली इकाई है। पार्टी इसी रणनीति पर काम कर रही है। हर मतदाता तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए बूथ लेवल पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
जून में होगा प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन
पार्टी के चुनावी एजेंडे में कार्यक्रमों की लम्बी शृंखला चलेगी। जून माह के पहले सप्ताह में प्रदेशभर में प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इसमें अधिवक्ता, इंजीनियर्स, डॉक्टर, खिलाड़ी और सेवानिवृत्त अधिकारियों समेत विभिन्न वर्गों के साथ बैठकें होंगी।
सत्यापन अभियान की रिपोर्ट कर रहे हैं तैयार
प्रदेश में सत्यापन अभियान पूरा कर लिया है। इसके परिणामों को लेकर आगे के लिए बैठक में फैसला किया जाएगा।
रामचरण बोहरा, जयपुर सांसद एवं पाली जिला प्रभारी