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पाली निकाय चुनाव: आजादी से पहले बनी नगर पालिका में पहली बार बनेगी महिला महापौर, जानें आरक्षण का पूरा गणित

पाली नगर निगम में पहली बार महिला महापौर चुनी जाएंगी। लॉटरी में यह सीट अनारक्षित (महिला) घोषित हुई है। पाली जिला प्रमुख का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहा। 9 पालिकाओं में से 3 में महिला मुखिया होंगी। वॉर्डवार आरक्षण लॉटरी 17 अगस्त को निकाली जाएगी।
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पाली

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Arvind Rao

Aug 14, 2026

pali civic polls 2026

नगर निगम कार्यालय, पाली (पत्रिका फोटो)

Pali Civic Polls 2026: पाली नगर निकायों व पंचायतीराज चुनाव को लेकर नगर निगम, नगर पालिका और जिला प्रमुख के आरक्षण की लॉटरी गुरुवार को निकाली गई। पाली नगर निगम में महिला महापौर बनेंगी। पिछले चुनाव में सभापति ओबीसी (महिला) लिए आरक्षित थी। इधर, पाली जिला प्रमुख की सीट अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए आरक्षित हुई।

लॉटरी में बाली और तखतगढ़ नगर पालिका की सीट अनारक्षित (ओपन फॉर ऑल) महिला के नाम रही। फालना-खुड़ाला नगर पालिका ओबीसी महिला, सुमेरपुर अनारक्षित ओपन, रानी खुर्द ओबीसी के रिजर्व हुई। नई बनी मारवाड़ जंक्शन और सोजत रोड नगर पालिका में अध्यक्ष की सीट एससी वर्ग की रहेगी। सोजत सिटी की सीट भी अनारक्षित रही।

पाली नगर परिषद को नगर निगम बनाने के बाद साल 2024 में अधिसूचना जारी की गई थी। उस समय नगर परिषद सभापति रेखा भाटी थीं। नगर निगम बनने पर वे पहली महिला महापौर बनीं। अब अनारक्षित महिला सीट पर पहली निर्वाचित महापौर भी महिला ही होंगी।

आजादी से पहले बनी नगर पालिका

पाली में आजादी से पहले नगर पालिका बन गई थी। साल 1945 से आजादी के करीब एक साल बाद तक एक ही अध्यक्ष रहे थे। नगर पालिका में रहे 9 अध्यक्षों में मूलचंद डागा तीन और रामसुख गुप्ता ने दो बार पद संभाला। नगर परिषद सभापति के तौर पर केवलचंद गुलेच्छा दो बार चुने गए।

नगरीय निकायों के वार्डों में वर्गवार लॉटरी 17 को

नगरीय निकायों के आम चुनाव के लिए वार्डों में वर्गवार आरक्षण एवं महिला आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया 17 अगस्त को पाली के जिला परिषद सभागार में सुबह 10 बजे आयोजित की जाएगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. बजरंग सिंह ने बताया कि पाली नगर निगम सहित नगर पालिका सोजत सिटी, सोजत रोड, मारवाड़ जंक्शन, रानी खुर्द, सादड़ी, बाली, खुडाला फालना स्टेशन, सुमेरपुर एवं तखतगढ़ के वार्डों की लॉटरी निकाली जाएगी।

केवल तीन महिला रहीं सभापति

पाली नगर पालिका से नगर निगम तक के सफर में वर्ष 1945 से 2024 तक केवल तीन महिलाएं नगर परिषद सभापति रहीं। उनमें से भी एक कार्यवाहक रहीं। नगर पालिका के समय पाली में एक भी महिला को पद नहीं मिला था।

पाली नगर निकाय में 23 प्रशासक भी रहे

पाली नगर पालिका व निकाय में पहली बार 18 जून 1978 को प्रशासक नियुक्त हुए थे। उसके बाद अलग-अलग समय में अब तक 23 प्रशासक रह चुके। पिछले बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद 26 नवम्बर 2024 को जिला कलक्टर को प्रशासक बनाया गया था। उस समय से अभी तक प्रशासक के तौर पर कलक्टर ही कार्य देख रहे हैं।

जिले की दस निकायों में 320 वार्ड

जिले के दस निकायों में 320 वार्ड हैं। इसमें सबसे अधिक वार्ड पाली नगर निगम में 65 हैं। इसी तरह सोजत रोड, मारवाड़ जंक्शन, बाली, खुडाला-फालना स्टेशन व तखतगढ़ में 25-25, सुमेरपुर व सादड़ी में 35, सोजत सिटी में 40 व रानी खुर्द में 20 वार्ड हैं।

नगर निकाय चुनाव में मतदाता

नगर निकाय चुनाव में 3 लाख 57 हजार से अधिक मतदाता हैं। पाली शहर में 1 लाख 80 हजार से अधिक मतदाता हैं, जो 65 वार्ड के पार्षद के लिए मतदान करेंगे। सबसे कम मतदाता रानी खुर्द में 11 हजार हैं। जिले की सोजत रोड नगर पालिका में 15000, मारवाड़ जंक्शन में 12000, सुमेरपुर में 30000, सोजत सिटी में 33500, बाली में 17000, खुड़ाला-फालना स्टेशन में 18000, सादड़ी में 24000, तखतगढ़ में 15000 मतदाता मताधिकार का उपयोग करेंगे। ट्रांसजेंडर मतदाता सोजत रोड, मारवाड़ जंक्शन व सोजत सिटी में 2-2, सुमेरपुर में 7, पाली में 10, खुड़ला-फालना स्टेशन व रानी खुर्द में 1-1 हैं।

पंचायत समितियों में मतदाता

पंचायत समितियों के चुनाव में 10 लाख 93 हजार से अधिक मतदाता मताधिकार का उपयोग करेंगे। जिले में सबसे अधिक मतदाता बाली पंचायत समिति में 1 लाख 91 हजार, देसूरी में 1 लाख 10 हजार, रानी में 1 लाख 22 हजार, बगड़ी में 58 हजार, मारवाड़ जंक्शन में 1 लाख 77 हजार, सोजत में 85 हजार, पाली में 97 हजार 700, रोहट में 1 लाख 89 हजार व सुमेरपुर पंचायत समिति में 1 लाख 43 हजार मतदाता हैं।