
सादड़ी के जाटों की डोरण स्थित बेरा नागों वाला अरट में पकड़ा गया अजगर (पत्रिका फोटो)
Pali News: पाली में सादड़ी स्थित जाटों की डोरण के पास एक खेत में उस समय हड़कंप मच गया, जब चारा काट रही एक महिला अनजाने में एक विशालकाय अजगर को छू बैठी। बेरा नागों वाला अरट क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 12 से 13 फीट लंबे और 50 किलोग्राम वजनी अजगर को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ा गया।
जानकारी के अनुसार, घटना बेरा नागों वाला अरट निवासी हरीश जाट पुत्र घीसूलाल जाट के खेत की है। गुरुवार शाम को हरीश जाट के परिवार की महिला ममता खेत में पशुओं के लिए चारा काट रही थी। खेत में घनी घास और झाड़ियां उगी हुई थीं, जिसके बीच एक विशाल इंडियन रॉक पायथन (अजगर) छिपा हुआ बैठा था।
चारा काटते-काटते अचानक ममता का हाथ किसी अज्ञात और ठंडी चीज से टकराया। पहले तो उसे कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब उसने पीछे मुड़कर देखा तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। घनी घास के बीच करीब 13 फीट लंबा और भारी-भरकम अजगर उसकी पूंछ पर हाथ लगने के कारण फुंकार मार रहा था। यह मंजर देखते ही महिला बुरी तरह घबरा गई।
ममता ने तुरंत खेत से भागकर परिजनों और आसपास के लोगों को इस घटना की जानकारी दी। विशाल अजगर की खबर मिलते ही देखते ही देखते लालकावाड़ी स्कूल मार्ग पर स्थित बेरा नागों वाला क्षेत्र में ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने बिना समय गंवाए स्थानीय वन्यजीव रेस्क्यू टीम और वन विभाग को सूचित किया।
सूचना मिलते ही 'टाइगर रेस्क्यू टीम' के अनुभवी सदस्य रफीक पठान और अजय दमामी तुरंत मौके पर पहुंचे। उनके साथ वन विभाग के सहायक वनपाल ईश्वर सिंह चौहान भी स्थिति को संभालने और निगरानी के लिए उपस्थित रहे।
रेस्क्यू टीम के लिए अजगर को सुरक्षित पकड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि अजगर बहुत बड़ा था और खेत में बहुत घनी घास और कटीली झाड़ियां थीं। जरा सी चूक से अजगर झाड़ियों में और गहराई तक छिप सकता था या बचाव में हमला कर सकता था।
रेस्क्यू टीम ने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए सबसे पहले अजगर की सटीक स्थिति का पता लगाया। इसके बाद विशेष उपकरणों और सुरक्षा तकनीकों का उपयोग करते हुए अजगर को बिना कोई नुकसान पहुंचाए धीरे-धीरे काबू में किया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने 50 किलो वजनी इस भारी-भरकम पायथन का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू सफल होने के बाद ग्रामीणों और खेत मालिक ने राहत की सांस ली।
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद वन विभाग की सीधी निगरानी में अजगर को रणकपुर क्षेत्र के कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के घने सुरक्षित प्राकृतिक आवास में ले जाकर छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक माहौल में वापस लौट सके। घटना के बाद सहायक वनपाल ईश्वरसिंह चौहान और रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में बिलों में पानी भरने और नमी बढ़ने के कारण सांप, अजगर और अन्य विषैले जीव-जंतु अक्सर सूखे स्थानों, खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं।
टीम ने आमजन और किसानों से अपील की है कि खेतों या घरों के आसपास ऐसे वन्यजीव दिखने पर घबराएं नहीं और न ही खुद उन्हें पकड़ने या मारने का प्रयास करें। किसी भी जीव को छेड़ने की गलती बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे वे बचाव में हमला कर सकते हैं। वन्यजीव दिखने पर तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचित करें ताकि इंसानों और जीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Updated on:
07 Aug 2026 02:15 pm
Published on:
07 Aug 2026 02:15 pm
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