जल जीवन मिशन के तहत रोजाना पेयजल की गुणवत्ता की जांच करवाई जा रही है। एक अगस्त तक देशभर में जांचे गए 23,25,081 पानी के नमूनों में से 51,266 नमूने दूषित पाए गए। यानी लगभग हर 45वां नमूना गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा। वहीं, राजस्थान की स्थिति राष्ट्रीय औसत से अधिक गंभीर है। प्रदेश में एक अगस्त तक 13,565 नमूनों की जांच की गई, जिनमें 1,341 नमूने दूषित मिले। यानी राज्य में लगभग हर 10वां पानी का नमूना मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।