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Banswara : ऑपरेशन के दौरान पहले नवजात फिर 7 माह की गर्भवती की मौत, परिजन नाराज, निजी अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप

Banswara Maternal Deaths : बांसवाड़ा के कुशलगढ़ कस्बे के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान सात माह की गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है।
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बांसवाड़ा

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 3 Aug 2026, 6:21 PM IST

Banswara Kushalgarh private hospital 7 month pregnant newborn died family members angry

Banswara : फोटो - AI

Banswara Maternal Deaths : बांसवाड़ा के कुशलगढ़ कस्बे के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान सात माह की गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों ने निजी चिकित्सालय की लापरवाही को लेकर रोष व्यक्त किया। इधर, मामला पुलिस तक पहुंचने पर जांच शुरू हो गई है। मुन्नी पाड़ा निवासी किरण पत्नी राजू मईड़ा को पेट में तेज दर्द की शिकायत होने पर परिजन कुशलगढ़ के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने तत्काल ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत हो गई। वहीं, प्रसूता की हालत गंभीर हो गई। इस पर चिकित्सक ने जिला अस्पताल के लिए प्रसूता को रेफर कर दिया। पर, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में प्रसूता ने दम तोड़ दिया।

सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। कांस्टेबल विकास ने बताया कि महिला के शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि जुलाई माह में सरकारी चिकित्सालय में एनीमिक एवं विभिन्न कारणों से सात प्रसूताओं की मौत हो गई थी। इसके बाद राजस्थान सरकार ने जांच दल भी भेजे। पर, जांच दल की रिपोर्ट पर अब तक कोई खुलासा नहीं हुआ है।

चिकित्सा मंत्री ने भी किया था दौरा

प्रसूताओं की मौतों के बाद चिकित्सा मंत्री गजेन्द्रसिंह ने भी जिला अस्पताल का निरीक्षण करते हुए जिला कलक्टर की मौजूदगी में चिकित्सा अधिकारियो की बैठक ली थी। बैठक के बाद मंत्री ने आश्वासन दिया था कि जयपुर से जांच टीम आएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लेकिन, जिले में एक के बाद एक मौत के बावजूद प्रदेश सरकार ने एक भी नया चिकित्सक जिला अस्पताला में नहीं भेजा है। मौजूदा स्टॉफ से ही सेवाएं ली जा रही हैं।

अब तक हुई प्रसूताओं की मौत

1- रेखा पत्नी हितेश आंबापुरा।
2- रेश्मा पत्नी प्रेम अल्काखेड़ा एमपी।
3- लक्ष्मी पत्नी अरविंद सवनिया।
4- लीला पत्नी विजय काहेला गढ़ी।
5- लक्ष्मी पत्नी प्रभुलाल चरपोटा।
6- वागीता पत्नी वीरसिंह, गांव संगेसरी।
7- सरला पत्नी रमेश मईड़ा, गांव तेजपुरा।

सम्भावित प्रसव-हाई रिस्क वाली 180 गर्भवती चिह्नित, नियमित मॉनिटरिंग

बांसवाड़ा जिले में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित प्रसव के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया है। स्वास्थ्य भवन में संचालित विशेष कॉल सेंटर के माध्यम से प्रतिदिन एचआरपी गर्भवतियों से दूरभाष पर संपर्क कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली जा रही है। संभावित प्रसव तिथि से पहले आवश्यकता पड़ने पर जिला अस्पताल या निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती होने की सलाह दी जा रही है।

सीएमएचओ डॉ. खुशपालसिंह राठौड़ नियमित निगरानी कर रहे हैं। एएनएम, आशा सहयोगिनी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से भी बात कर प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती की देखभाल सुनिश्चित की जा रही है। विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 7742120333 जारी किया है। अगस्त में संभावित प्रसव तिथि वाली 180 हाई रिस्क गर्भवतियों की पहचान की है। इनके स्वास्थ्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।