पाली

RGHS: इस नीति ने तो बढ़ा दिया मरीजों का दर्द

आरजीएचएस के तहत दवा देने से इनकार कर रहे दुकानदार, बिलों का नहीं हो रहा भुगतान, दुकानदारों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ।
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Nov 16, 2023
RGHS: इस नीति ने तो बढ़ा दिया मरीजों का दर्द
एक दवा की दुकान पर दवाइयां लेते मरीज व उनके परिजन।

राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देती है। इस योजना के तहत सहकारी उपभोक्ता भंडार के साथ कई निजी मेडिकल स्टोर पर दवा मिलती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई मेडिकल स्टोर पर दवा देना बंद कर दिया है। मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि योजना के तहत आने वाले पर्चियों का बिल बनाने के बाद भुगतान नहीं मिल रहा है। ऐसे में उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। पाली जिले में आरजीएचएस के तहत दवा देने वाले करीब 70 मेडिकल स्टोर के 15 से 20 करोड़ रुपए बकाया है। इसमें कई दुकानदार ऐसे भी है, जिनके 1 करोड़ रुपए तक के बिल शेष है। कई दुकानदारों को चार-चार माह से राशि नहीं मिली है।

बिल राशि का देते भी है तो दस प्रतिशत
आरजीएचएस के तहत दवा देने वाले मेडिकल स्टोर पर बिल भुगतान की राशि चाहे कितनी भी हो, उनको भुगतान बहुत कम दिया जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि बिल भुगतान करने पर दस प्रतिशत राशि दी जाती है। किसी दुकानदार के दस लाख का बिल होने पर महज एक लाख दिया जाता है। जबकि खुदरा दुकानदार को दवाइयों की खरीद पर तुरन्त या तीन-चार दिन में राशि चुकानी पड़ती है। उधर, दवा देने के बाद दवा आरजीएचएस के दायरे में नहीं होने या चिकित्सक आदि के हस्ताक्षर की आपत्ति बताकर भी बिल निरस्त कर दिए जाते है। उसका खामियाजा भी दुकानदारों को हो रहा है।
सहकारी उपभोक्ता भंडार जा रहा हूं
दवा लेने के लिए आए पेंशनर विजय कुमार ने बताया कि वह दवा निजी दुकान से ही लेते रहे है, लेकिन इस बार उसने दवा नहीं होने का कह दिया। सहकारी उपभोक्ता भंडार की दुकान पर जा रहा हूं। ऐसा ही दवा लेने आई बुजुर्ग पुष्पा देवी के साथ हुआ। उनको बिलों के भुगतान का कहकर ही दवा देने से इनकार किया।

Updated on:
16 Nov 2023 09:54 am
Published on:
16 Nov 2023 09:54 am