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Mahachhath Puja: जाने ऐसा क्यों किया श्रद्धालुओं ने तालाब के घाट पर

परम्परागत गीत गाते हुए पकाया प्रसाद, लगाया भोग, नहाय-खाय के साथ सूर्य उपासना महापर्व शुरू, श्रद्धालुओं ने छठी मइया को लगाई धोक।
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Nov 18, 2023
Mahachhath Puja: जाने ऐसा क्यों किया श्रद्धालुओं ने तालाब के घाट पर
तालाब के घाट पर पूजन के​ लिए नाम लिखकर सुर​क्षित की गई जगह।

सूर्य उपासना का महापर्व छठ शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने छठी मइया को प्रसाद का भोग चढ़ाकर व शीश नवाकर खुशहाली की कामना की। महापर्व के तहत महिलाओं ने घरों की सफाई कर परम्परागत रूप से कांच ही बास के बहगिया, बहंगी लचकत जाय... गीत गाते हुए लौकी सब्जी, चने की दाल व अरवा चावल पकाए। सूर्य भगवान के साथ छठी मइया को प्रसाद अर्पित किया। व्रतियों के प्रसाद ग्रहण करने के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। व्रती प्रसाद ग्रहण के बाद जल व प्रसाद शनिवार शाम को पूजन के बाद ही ग्रहण करेंगे। उसके बाद शुरू होगा छठ माता व सूर्य भगवान की उपासना का व्रत, जिसका उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ही पारणा करेंगे।

ठेकुआ प्रसाद बनाने की तैयारी
महाछठ पर्व पर ठेकुआ विशेष प्रसाद बनाया जाता है। इसके लिए श्रद्धालुओं ने गेहूं को गंगाजल मिश्रित जल से धोकर सुखाया। इसी गेहूं से प्रसाद बनाया जाएगा। उधर, पर्व के दूसरे दिन खरना पर्व मनाया जाएगा। जिसमें साठी चावल, गन्ने के रस व गुड़ से खीर पकाई जाएगी। छठ माता को भोग चढ़ाकर प्रसाद ग्रहण किया जाएगा। खास बात यह है कि खरना का प्रसाद आम की लकड़ी जलाकर बनाया जाता है। खरना पर पुरुष व्रती नया यज्ञोपवित पहनेंगे।
तैयारियों में जुटे
महापर्व को लेकर बिहारी संस्कृति सेवा समिति के पदाधिकारी व सदस्य तैयारियों में जुटे हैं। अध्यक्ष अनिलसिंह, उपाध्यक्ष कृष्णासिंह, सचिव एके घोष, कोषाध्यक्ष संजय सिंह, पंकज कुमार, प्रभंजन मिश्रा, अमित कुमार, विकास कुमार, नितेश कुमार आदि ने बिहारी घाट पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
नाम लिखकर जगह की सुरक्षित
छठ पूजा के तहत तीसरे दिन रविवार शाम को लाखोटिया के बिहारी घाट पर व्रती व श्रद्धालु जल में खड़े होकर अस्ताचल भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगे। इसके लिए लोगों ने घाट पर नाम लिखकर जगह सुरक्षित की। जिससे पूजन के आसानी से मिल सके। वहीं पर्व के अंतिम दिन सोमवार सुबह श्रद्धालु विभिन्न सामग्री के साथ उगते सूर्य को अर्घ्य देंगे। इसके बाद 36 घंटे से अधिक समय तक निर्जल रहकर व्रत करने वाले पारणा करेंगे।

Published on:
18 Nov 2023 10:12 am
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