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religion and culture: प्रदेश के इस गांव में बजाए ढोल, किया नृत्य

नागेश्वर पार्श्वनाथ भगवान के जन्म व दीक्षा कल्याण की आराधना।
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Jan 05, 2024
religion and culture: प्रदेश के इस गांव में बजाए ढोल, किया नृत्य
गांव में संतों का सामैया करते जैन समाजबंधु।

भद्रंकर नगर में नागेश्वर पार्श्वनाथ भगवान के जन्म व दीक्षा कल्याणक दिवस की आराधना के तहत आयोजित महोत्सव में गुरुवार को जिनशासन का जयकारा गूंजा। आचार्य विजय जयानंद सूरिश्वर व गणि जय कीर्ति विजय का दादा पार्श्वनाथ तीर्थ सेसली से बैण्ड बाजों की मधुर धुन और मंगल गीतों के साथ सामैया किया। सामैया की शोभायात्रा गांव के प्रमुख मागोZं से होकर मंदिर पहुंची। वहां संतों के साथ श्रावक-श्राविकाओं ने प्रभु के दर्शन कर मंगल प्रार्थना की।

धर्म सभा में आचार्य जयानंद सूरिश्वर ने कहा कि पार्श्वनाथ भगवान के जन्म व दीक्षा कल्याणक दिवस की आराधना करने से समस्त विघ्नों का नाश होता है। सभी चिंताओं का समापन हो जाता है। यह वर्ष भगवान का 2900वां जन्मकल्याणक वर्ष है। उन्होंने हम तुम्हारे थे प्रभु जी, हम तुम्हारे है... गीत सुनाकर सभी को प्रभु भक्ति में लीन कर दिया। गणि जयकीर्ति विजय ने प्रभु की महिमा का बखान करते हुए धर्म आराधना करने की सीख दी। इसके बाद श्रावक-श्राविकाओं ने गुरु वंदना की। विनीत गेमावत ने भक्ति गीत सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके सुमेरमल, रमेशचन्द्र, नरेश, प्रवीण, संजय, दिलेश, मनीष, महावीर, महिपाल, दिनेश, प्रदीप, अमित, अर्हम, ऋषभ मेहता, रमेश सोनिगरा, जितेंद्र पोरवाल आदि उपस्थित रहे।

Published on:
05 Jan 2024 10:02 am