पाली

MANREGA: ऐसा काम, जिसमे करो कुछ मत और मजदूरी ले जाओ

मनरेगा में बुलडोजर व ट्रैक्टर से हो जाता काम, जिले के कई मनरेगा कार्य स्थलों पर की जा रही महज खानापूर्ति, मेट व श्रमिक तक रहते हैं नदारद, फिर भी लगती है उपिस्थति।

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Feb 16, 2024
इंदरवाड़ा गांव के मनरेगा कार्य स्थल पर सोते श्रमिक।

तिथि 12 फरवरी

ग्राम पंचायत टेवाली के मॉडल तालाब विकास कार्य पर 91 श्रमिकों के विरुद्ध 25 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई थी। ग्राम पंचायत बूसी के तहत चल रहे ग्रेवल सड़़क में पुलिया निर्माण पादरली तुर्कान से राइकों की ढाणी पर 165 श्रमिकों के विरुद्ध 17 की उपस्थिति दर्ज पाई गई। सभी श्रमिक बैठे थे। ग्राम पंचायत इंदरवाड़ा में स्कूल खेल मैदान के निरीक्षण के दौरान सभी श्रमिक 2:20 बजे सोते हुए मिले। मेट को फोन करके बुलाया गया। कार्य पर 92 श्रमिकों के विरुद्ध 39 श्रमिक की उपस्थिति दर्ज थी। कार्य ट्रैक्टर के साथ लगी हुई कल्टी से किया हुआ था।

तिथि 13 फरवरी

रोहट की ग्राम पंचायत कलाली के लालकी गांव में चल रहे गवाई तालाब कार्य पर 64 श्रमिक के विरुद्ध मस्टररोल में एक की भी उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। जांच के दौरान श्रमिक कार्य स्थल पर बैठे थे। मेट की उपस्थिति में जांच के दौरान 64 श्रमिकों के विरुद्ध 21 श्रमिक अनुपस्थित थे। चामुंडा नगर में 44 श्रमिकों के विरुद्ध कोई उपस्थिति दर्ज नहीं मिली। कार्य स्थल पर बुलडोजर से कार्य होना पाया गया। जो श्रमिक मौजूद थे, उनके पास औजार (गेंंती, फावड़ा व तगारी आदि) नहीं थे। जुलाला नाडा रामपुरा में 18 श्रमिक कार्यस्थल पर मौजूद नहीं मिले।

मनरेगा के तहत लाखों रुपए खर्च कर कार्य करवाया जाता है। वह कैसा होता है यह ऊपर लिखी दो जांच बता रही हैं। यह जांच जिला लोकपाल चैनसिंह पंवार की ओर से की गई। उनकी तरफ से अन्य जगहों पर की गई जांचों में भी ऐसे ही हालात मिले हैं। जिसकी रिपोर्ट भी लोकपाल की ओर से जिला परिषद सीइओ को दी जाती है। इसके बावजूद मनरेगा में मेट के साथ अन्य जिम्मेदार कार्य में कोताही करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि जिन स्थलों के बारे में लोकपाल की ओर से जांच रिपोर्ट सौंपी गई है। वहां की जांच के वीडिओ को निर्देश दिए गए हैं। जांच आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बुलडोजर व जेसीबी से कार्य होना मिला

मैंने जिले में कई जगह पर कार्य स्थलों का जायजा लिया है। कई जगह उपिस्थति के बाद भी श्रमिक नहीं मिले तो कई जगह पर बुलडोजर व ट्रैक्टरों से कार्य होना सामने आया। इस बारे में विकास अधिकारियों व जिला परिषद के अधिकारियों को रिपोर्ट दी गई है।
चैनसिंह पंवार, जिला लोकपाल, पाली

प्रकरण जांच के लिए भेजे
जिला लोकपाल की ओर से जो प्रकरण दिए गए हैं। उनको जांच के लिए वीडियो को भेजा गया है। जो मेट आदि कार्य में कोताही बरत रहे हैं या गलत कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनको ब्लेक लिस्ट भी किया जा सकता है।

दीप्ती शर्मा, सीइओ, जिला परिषद, पाली

Published on:
16 Feb 2024 11:09 am
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