
(पटना): नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का विरोध करने वालों में जदयू उपाध्यक्ष और पोल स्ट्रेटजिस्ट प्रशांत किशोर भी अहम हैं। एक एक कर कई ट्वीट करते हुए विरोध कर चुके प्रशांत किशोर ने CAB का समर्थन करने वाले जदयू अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अंततः एनआरसी सूबे में नहीं लागू करने की घोषणा करने पर विवश कर दिया।प्रशांत किशोर ने इस सिलसिले में एक और ट्वीट कर उपाय सुझाया है।
प्रशांत किशोर ने ट्वीट में लिखा, CAA-NRC के वापस होने के दो प्रभावी तरीके हैं। पहला, सभी प्लेटफॉर्मों पर अपनी आवाज़ शांतिपूर्ण तरीके से उठाकर विरोध जारी रखें। दूसरा, यह सुनिश्चित करें कि सभी 16 गैरभाजपा शासित राज्यों या इनमें से अधिकांश प्रदेशों के सीएम अपने राज्यों में एनआरसी को लागू नहीं करने पर सहमत हों। बाकी की जो भी महत्वपूर्ण चीजें हैं वो सब प्रतीकात्मक हैं।
बता दें कि शनिवार को सीएए और एनआरसी के खिलाफ सड़कों पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों से कांग्रेस नेताओं के गायब रहने पर प्रशांत किशोर ने नाराजगी जाहिर की थी।