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Khan Sir case: खान सर की गिरफ्तारी पर 3 जुलाई तक रोक, बॉडीगार्ड्स के हथियारों पर पटना कोर्ट में फंसा पेंच

Khan Sir Anticipatory Bail: पटना कोचिंग विवाद में खान सर को मिली राहत फिलहाल बरकरार रहेगी। उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अब अगली सुनवाई 3 जुलाई को तय की गई है। साथ ही कोर्ट ने उनके दो बॉडीगार्ड्स के हथियार लाइसेंस, यात्रा परमिट और उनसे जुड़े दस्तावेज़ों की रिपोर्ट मांगी है।
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पटना

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Anand Shekhar

Jun 30, 2026

khan sir Case

पटना के चर्चित शिक्षक खान सर

Khan Sir case: पटना के कोचिंग विवाद मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर अब 3 जुलाई 2026 को अगली सुनवाई होगी। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान, पटना सिविल कोर्ट ने खान सर के दो निजी सुरक्षा गार्डों के पास मौजूद हथियारों के लाइसेंस की वैधता पर सख्ती दिखाते हुए संबंधित दस्तावेज़ कोर्ट में जमा करने का निर्देश दिया। हालांकि, कोर्ट ने अगली सुनवाई तक खान सर की गिरफ़्तारी पर लगी अंतरिम रोक को बरकरार रखा, जिससे उन्हें 3 जुलाई तक राहत मिलती रहेगी।

क्या खान सर के गार्ड्स के पास अवैध हथियार थे? लाइसेंस को लेकर विवाद

ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद के वकील सत्यम झा और सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि घटना के समय खान सर के दोनों गार्ड बिहार के अधिकार क्षेत्र से बाहर रजिस्टर्ड हथियारों के साथ मौजूद थे और इलाके में दहशत फैलाने के इरादे से गोलियां चलाई गई थीं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस जांच में पता चला है कि गोली चलाने में इस्तेमाल किया गया हथियार उत्तर प्रदेश के कासगंज के रहने वाले तलेबर सिंह का है। पुलिस का कहना है कि तलेबर सिंह के हथियार का लाइसेंस केवल उत्तर प्रदेश के लिए वैध था और उसके पास हथियार को बिहार लाने या वहां सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए कोई वैध ऑल-इंडिया परमिट नहीं था। इसके बावजूद, वह स्थानीय प्रशासन, आर्म्स मजिस्ट्रेट या संबंधित पुलिस स्टेशन को सूचित किए बिना बिहार में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम कर रहा था। यह मामला अब कानूनी जांच के दायरे में है।

बचाव पक्ष का दावा- हथियार पूरी तरह लाइसेंसी

दूसरी ओर, बचाव पक्ष की तरफ से सीनियर एडवोकेट अरविंद मौर ने अभियोजन पक्ष के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कोर्ट को स्पष्ट किया कि दोनों सुरक्षा गार्डों के पास मौजूद हथियार पूरी तरह से कानूनी और लाइसेंसी हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि पुलिस ने जांच के दौरान हथियारों के लाइसेंस सहित सभी जरूरी दस्तावेज पहले ही जब्त कर लिए थे। इसलिए, हथियारों को गैर-कानूनी या अवैध बताना गलत था।

कोर्ट ने जांच अधिकारी (IO) से मांगी रिपोर्ट

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी को निर्देश दिया कि वे जब्त किए गए हथियारों के लाइसेंस और उनसे जुड़े सभी असली दस्तावेज 3 जुलाई को कोर्ट में पेश करें। इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान खान सर के वकील ने कोर्ट से जल्द फैसला लेने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि सुनवाई की तारीखें बार-बार टाली जा रही हैं और अग्रिम जमानत की अर्जी पर तुरंत विचार किए जाने की जरूरत है।