
गांधी मैदान में प्रदर्शन करते बिहार के छात्र (सांकेतिक) (Photo -@jansuraajonline/ X)
Bihar Student Protest: छात्र नेता दिलीप कुमार ने शिक्षक भर्ती (TRE 4) के परीक्षा पैटर्न में बदलाव और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने राज्य सरकार, शिक्षा विभाग और बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) पर उम्मीदवारों को बार-बार गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब छात्रों का धैर्य अब जवाब दे चुका है, इसलिए 18 अगस्त को पटना के गर्दनीबाग विरोध स्थल पर अनिश्चितकालीन और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू होगा।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि पिछले दो वर्षों में TRE 4 का नोटिफिकेशन बार-बार टाला गया है। परीक्षा अगस्त 2024 में होनी थी, फिर भी अभी तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। शिक्षा मंत्री के हर जुलाई में नोटिफिकेशन जारी करने के वादे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों का धैर्य अब खत्म हो चुका है और स्थिति असहनीय हो गई है।
दिलीप कुमार ने मांग की कि सरकार TRE 4 का नोटिफिकेशन सिंगल-एग्जाम फॉर्मेट के आधार पर जारी करे, जैसा कि पहले होता था। उन्होंने कहा कि अगर सरकार दो-चरण वाली प्रणाली (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा) लागू करना चाहती है, तो सिलेबस और फॉर्मेट तुरंत जारी किया जाना चाहिए और इसे TRE 5 से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार एक ही परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी करने में असमर्थ है, तो शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
दिलीप कुमार ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ उन लोगों के लिए नहीं है जो टीचर बनना चाहते हैं, बल्कि यह बिहार में कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे हर स्टूडेंट के भविष्य से जुड़ी है। उन्होंने मांग की कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की भर्ती प्रक्रिया में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाला एक्स्ट्रा वेटेज खत्म किया जाए। उनका तर्क है कि इस तरीके से जनरल और काबिल कैंडिडेट्स के चुने जाने के मौके कम हो जाते हैं और गड़बड़ी का खतरा बढ़ जाता है।
इसके अलावा, दिलीप कुमार ने लंबे समय से अटकी हुई BSSC 2nd इंटर-लेवल, BSSC CGL 4 और BSO आदि परीक्षाओं की तारीखों का तुरंत ऐलान करने की मांग की। दिलीप कुमार ने लंबे समय से रुकी हुई लाइब्रेरियन भर्ती (18 साल से पेंडिंग) में तेजी लाने, बिहार एलिजिबिलिटी टेस्ट (BET/असिस्टेंट प्रोफेसर) आयोजित करने, सभी कॉम्पिटिटिव एग्जाम में डोमिसाइल पॉलिसी लागू करने, उम्र सीमा में सही छूट देने और सब-इंस्पेक्टर, कॉन्स्टेबल और BPSC सिविल सर्विस की भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
दिलीप कुमार ने बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों से एकजुट होकर गर्दनीबाग में जुटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिर्फ़ घरों, हॉस्टलों, लॉज या कोचिंग सेंटरों में चुपचाप बैठकर भर्ती अभियान या सुधारों को हासिल नहीं किया जा सकता। इसके बजाय, अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतरना होगा।
Updated on:
17 Aug 2026 08:57 pm
Published on:
17 Aug 2026 08:51 pm
