
बिहार की पहली महिला DG शोभा ओहटकर (Photo - X@BiharHomeDept)
IPS Shobha Ohatkar: बिहार में अपनी सख्त छवि और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाने वालीं 1990 बैच की सीनियर IPS अधिकारी शोभा ओहटकर रिटायर हो गई हैं। वह बिहार होम गार्ड्स और फायर सर्विसे की डायरेक्टर जनरल-सह-कमांडेंट जनरल के तौर पर काम कर रही थीं। उनके सम्मान में पटना के बिहटा स्थित होम गार्ड और फायर सर्विसेज़ ट्रेनिंग सेंटर में एक शानदार विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस मुकर पर उन्होंने कहा कि उन्हें अपने करियर को लेकर कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि उन्होंने अपनी शर्तों पर और ठीक वैसे ही काम किया जैसा वह चाहती थीं।
महाराष्ट्र के पुणे में जन्मीं शोभा ओहटकर हैदराबाद में एक्साइज कमिश्नर बलराम ओहटकर की बेटी हैं। उनके पिता का सपना था कि उनकी बेटी पुलिस में शामिल हो। इस सपने को पूरा करने के लिए शोभा ने हैदराबाद से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की और 1990 में अपने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर ली। वह सिर्फ 22 साल की उम्र में पुलिस में शामिल हुईं और उन्हें बिहार कैडर मिला। वह अक्सर खुद को जन्म से महाराष्ट्रीयन, पढ़ाई-लिखाई से हैदराबादी और दिल से बिहारी बताती हैं।
शोभा ओहटकर की पहली पोस्टिंग पटना सिटी में ASP के तौर पर हुई थी। 1990 के दशक में जब पटना में अपराध बढ़ा हुआ था, तब यह युवा महिला IPS अधिकारी बुलेट मोटरसाइकिल पर सड़कों पर गश्त करती थीं। जब भी वह अपनी बाइक पर निकलती, तो अपराधी और छेड़छाड़ करने वाले गिरोह डरकर भाग जाते थे। पकड़े गए अपराधियों को वह 'हंटर' से सजा देती थीं। हमेशा चाबुक साथ रखने की इसी आदत की वजह से बिहार के लोगों के बीच उन्हें 'हंटर वाली मैडम' का उपनाम मिला। उन्होंने बिहार के सात अलग-अलग जिलों में SP के तौर पर काम किया और जहां भी काम किया, वहां अपराध नेटवर्क की कमर तोड़ दी।
2006 में शोभा ओहटकर डेपुटेशन पर अपने गृह राज्य महाराष्ट्र चली गईं, जहां उन्हें अहमदनगर में इकोनॉमिक ऑफ़ेंस विंग का SP नियुक्त किया गया। उस समय दो नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण से जुड़ा एक बड़ा स्कैंडल सामने आया था, जिसमें प्रभावशाली लोग शामिल थे। ताकतवर और रसूखदार लोगों के दबाव के आगे झुके बिना, शोभा ओहटकर ने जांच की कमान संभाली और 26 प्रभावशाली लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उन्होंने महज 90 दिनों के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करके अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया।
इसके बाद 2015 में शोभा ओहटकर डेपुटेशन पर दिल्ली गईं, जहां उन्होंने पांच साल तक एयर इंडिया में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (सिक्योरिटी) के तौर पर काम किया। वह दिसंबर 2020 में बिहार लौटीं और प्रमोशन के बाद बिहार पुलिस के इतिहास में पहली महिला डायरेक्टर जनरल (DG) बनीं।
शोभा ओहटकर का करियर शानदार और कामयाबियों से भरा रहा है, लेकिन यह विवादों से भी अछूता नहीं रहा। विभाग में जूनियर और साथी IPS अधिकारियों के साथ उनके खराब रिश्ते अक्सर पुलिस मुख्यालय में चर्चा का विषय बनते थे। उनका सबसे चर्चित विवाद तब हुआ जब जाने-माने IPS अधिकारी विकास वैभव को होम गार्ड और फायर सर्विस का इंस्पेक्टर जनरल (IG) नियुक्त किया गया। वैभव ने सोशल मीडिया और बाद में गृह विभाग को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि DG ओहटकर ने उनके साथ बदतमीजी की, अपशब्द कहे और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया।
विकास वैभव विवाद के कुछ समय बाद, उसी विभाग की महिला DIG अनुसूया रानसिंह साहू का भी DG शोभा ओहटकर के साथ टकराव हुआ। DIG ने आरोप लगाया कि DG ओहटकर उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत फंसाने की कोशिश कर रही थीं क्योंकि उन्होंने विभाग में वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा किया था। इन विवादों पर अपने बेबाक अंदाज में जवाब देते हुए, शोभा ओहटकर ने कहा कि जो लोग काम से बचना चाहते हैं और आराम की नौकरी चाहते हैं, वही उनमें कमियां निकालते हैं। उन्होंने कहा था कि वह किसी के डर से नियमों के मुताबिक अपने कर्तव्य निभाने से पीछे नहीं हटेंगी।
बिहटा में आयोजित विदाई समारोह के दौरान होम गार्ड के जवानों और स्थानीय कलाकारों ने कई देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए, जिनकी वहां मौजूद सभी अधिकारियों ने खूब तारीफ की। अपने विदाई कार्यक्रम में डायरेक्टर जनरल शोभा ओहटकर ने बिहार पुलिस, होम गार्ड और फायर सर्विस में अपने लंबे सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य में काम करके उन्हें बहुत अच्छा लगा और लोगों से जो प्यार मिला, वही हमेशा उनका मोटिवेशन था। उन्होंने कहा कि उन्हें फोर्स से बहुत स्नेह मिला, जो हमेशा उनके दिल के करीब रहेगा। जवानों के समर्पण और अनुशासन की तारीफ करते हुए उन्होंने सभी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
Published on:
30 Jun 2026 05:00 pm
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