भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा को लेकर चल रही बहस पर NDA सरकार की आलोचना की है। खेसारी ने सरकार के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने मनोज तिवारी के ऑफर पर भी अपनी स्थिति साफ की।
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज कर दी है। इस विवाद में कूदते हुए भोजपुरी एक्टर और RJD नेता खेसारी लाल यादव ने सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। खेसारी ने तंज कसते हुए कहा कि जिस सरकार ने कानून लागू किया और जिसकी देखरेख में यह फेल हुआ, वही अब इसका रिव्यू करने का नाटक कर रही है। खेसारी ने भाजपा सांसद मनोज तिवारी के BJP में शामिल होने के ऑफर पर भी अपनी स्थिति साफ की।
मंगलवार को एनडीए के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के विधायक माधव आनंद ने सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में शराबबंदी की समीक्षा की मांग की थी। इस पर खेसारी लाल यादव ने चुटीले अंदाज में कहा, "बंद करने वाले भी वही लोग हैं और समीक्षा भी वही कराएंगे। अब इसे क्या कहें? कि चोरी भी हमने की है और चोर भी हम ही ढूंढ रहे हैं। लापरवाही उन्हीं की है, उनकी ही सरकार ने शराबबंदी लागू कराई थी और अब वे ही कह रहे हैं कि ग्राउंड पर सक्सेस नहीं है।"
खेसारी ने आगे कहा, "अब यह तो पब्लिक को सोचना है कि चोर भी वही हैं और चोर को पकड़वाने का काम भी वही कर रहे हैं। इसका कोई मतलब नहीं बनता।" गौरतलब है कि बिहार में 1 अप्रैल 2016 से पूरी तरह शराबबंदी लागू है। इसका मतलब है कि इस कानून को लागू हुए लगभग एक दशक हो गया है। हालांकि, समय-समय पर इसके असर पर सवाल उठते रहे हैं।
बीते दिनों भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने एक कार्यक्रम में खेसारी लाल यादव पर तंज कसते हुए भोजपुरी में कहा था, "गढ़हा में कूद गइल रहे खेसरिया, अब समझ में आइल बा" (खेसारी गड्ढे में कूद गया था, अब उसे समझ आया है)। तिवारी ने यह भी दावा किया था कि खेसारी जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे। इस दौरान मनोज तिवारी ने यह भी कहा था कि जब भी खेसारी लाल यादव उनसे मिले, तो उन्हें भी वैसे ही गले लगाया, जैसे वह पवन सिंह को लगाते हैं।
भाजपा में शामिल होने के दावे पर खेसारी ने बड़े ही सधे हुए और भावुक अंदाज में जवाब दिया, "मैं मनोज भैया का हमेशा से छोटा भाई रहा हूं और रहूंगा। मुझे उनका प्यार पाने के लिए किसी पार्टी में शामिल होने की जरूरत नहीं है। वे मेरे आदर्श रहे हैं और उनकी जरूरत जहां पड़ेगी, मैं हमेशा एक छोटे भाई के नाते खड़ा रहूंगा।"