राज्य के लिए बहुपयोगी और पीएम पैकेज में शामिल पटना रिंग रोड को बनाने के लिए केंद्र सरकार की हरी झंडी मिल गई है। करीब १४० किमी की लंबाई में बनने वाली इस सडक़ से पटना,...
पटना. राज्य के लिए बहुपयोगी और पीएम पैकेज में शामिल पटना रिंग रोड को बनाने के लिए केंद्र सरकार की हरी झंडी मिल गई है। करीब १४० किमी की लंबाई में बनने वाली इस सडक़ से पटना, वैशाली और सारण जिलों को जोड़ते हुए पटना महानगर के बड़े भूभाग को एक दूसरे से कनेक्टिविटी मिल पाएगी। सडक़ कुछ जगहों पर फोर लेन और कुछ जगहों पर सिक्स लेन बनेगी। इस पर करीब 4800 करोड़ रुपए की लागत आने की संभावना है। फिलहाल एनएचएआइ इसकी डीपीआर बनवा रहा है। रिंग रोड को बनाने का निर्णय केंद्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव के साथ राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार और पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा के बीच नई दिल्ली में समीक्षा बैठक में लिया गया। ये सभी अधिकारी पीएम पैकेज के तहत एनएचएआइ के तहत बनायी जाने वाली सभी सडक़ों की समीक्षा कर रहे थे।
ऐसे बनेगा रिंग रोड
पटना रिंग रोड की शुरुआत बिहटा (कन्हौली) से होगी। बिहटा से यह सडक़ कुम्हरार और मसौढ़ी के बीच बेलदारीचक तक जाएगी। बिहटा -सरमेरा पथ के इस भाग से एक नई सडक़ कच्ची दरगाह तक जाएगी। कच्ची दरगाह से बिदुपुर तक गंगा नदी पर बन रहा पुल इसका हिस्सा होगा। बिदुपुर में हाजीपुर शहर से पांच किमी उत्तर यह सडक़ दिघवारा की ओर मुड़ जाएगी। दिघवारा में गंगा नदी पर पुल बनेगा जो दानापुर के शेरपुर के बीच होगा। शेरपुर से एक सडक़ बिहटा को जोड़ेगी। रिंग रोड बनने के बाद प्रदेश के पश्चिमी या उत्तरी भाग में जाने के लिए वाहनों के शहर में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी