
Rohini Acharya on Jitan Ram Manjhi: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी डॉ. रोहिणी आचार्य एक बार फिर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर भड़क गईं हैं। तेजस्वी यादव के एक संबोधन के दौरान जुबान फिसलने के मामले में जीतन राम मांझी द्वारा की गई टिप्पणी पर रोहिणी आचार्य ने ऐतराज जताया है। सोशल मीडिया पोस्ट में रोहिणी ने कहा कि उनके माता-पिता माता-पिता के सम्मान के खिलाफ की गई किसी भी अमर्यादित टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उसका जवाब उसी भाषा में दिया जाएगा।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनके लिए दुनिया में उनके माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई उनके माता-पिता के बारे में अभद्र या अमर्यादित टिप्पणी करता है, तो वह उसी लहजे और भाषा में जवाब देंगी जिस भाषा में टिप्पणी की गई है।
रोहिणी ने आरोप लगाया कि जीतन राम मांझी ने पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर किसी (तेजस्वी यादव) के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के बारे में बेहद घटिया टिप्पणियां कीं। उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि उनके माता-पिता का उस बयान से कोई लेना-देना नहीं था, इसलिए मांझी ने मुद्दे से भटककर अमर्यादित बातें कहीं, इसलिए एक बेटी के तौर पर मुंहतोड़ जवाब देना उनके लिए पूरी तरह स्वाभाविक और जरूरी था।
इससे पहले भी रोहिणी आचार्य ने केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधा था। उन्होंने बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह के 15 अगस्त के एक भाषण के दौरान हुई जुबान फिसलने की घटना का जिक्र करते हुए मांझी पर तंज कसा था। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया था कि जब भाजपा नेताओं की जुबान फिसलती है तो क्या जीतन राम मांझी उन पर बोलने की हिम्मत जुटा पाते हैं। उन्होंने लिखा था कि सम्मान उम्र देखकर नहीं बल्कि आचरण देखकर दिया जाता है।
इस पूरे विवाद की जड़ पटना में RJD दफ्तर में 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ी है। जहां लोगों को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव की जुबान फिसल गई थी और उन्होंने दशरत मांझी की जगह, दो बार जीतन राम मांझी का नाम ले लिए था।
इसके बाद, जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि पिछली रात का नशा अभी तक उतरा नहीं है। मांझी ने आगे कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो हो सकता है कि तेजस्वी अपने माता-पिता के जीवित रहते हुए ही उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दें।