पटना

वैशाली पुल हादसे पर चिराग पासवान ने जताई चिंता, बोले- ऐसी घटनाएं करती हैं शर्मसार, दोषियों पर हो सख्त एक्शन

Vaishali Bridge Incident: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने वैशाली के लालगंज में बन रहे एक पुल का लॉन्चर' गिरने की घटना पर कहा कि ऐसी घटनाएं सरकार के लिए चिंता का विषय हैं और इनसे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं। चिराग ने दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर की समय-समय पर गुणवत्ता जांच कराने की बात कही।
2 min read
Sep 10, 2026
Chirag Paswan
लोजपा (रामविलास) अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (X)

Chirag Paswan on Vaishali Bridge Accident: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार के वैशाली जिले के लालगंज में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रहे पुल के बीम लॉन्चर गिरने की घटना पर चिंता जताई है। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए पासवान ने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल सरकार के लिए चिंता का विषय हैं, बल्कि सिस्टम के लिए शर्मिंदगी का कारण भी बनती हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझने के बजाय, निर्माण की गुणवत्ता से जुड़े सवालों का समाधान करना और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

पुल गिरने को लेकर चिराग पासवान ने कहा, "ऐसी घटनाएं निश्चित रूप से सरकार के लिए चिंता का विषय हैं। अक्सर इनसे न केवल शर्मिंदगी होती है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता पर भी कई सवाल उठते हैं। पुल कब बना या किसने बनाया, इस विवाद में पड़े बिना, मेरा मानना ​​है कि अगर ऐसी घटनाएं होती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।"

मुख्यमंत्री के साथ सुरक्षा ऑडिट पर चर्चा करेंगे

चिराग पासवान ने राज्य भर में चल रहे निर्माण कार्यों और पुराने हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की बात कही। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से चर्चा करेंगे ताकि राज्य में सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समय-समय पर गुणवत्ता जांच सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री या मानकों से समझौता करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करना जरूरी है।

खतरनाक स्ट्रक्चर पर तुरंत हो कार्रवाई

चिराग पासवान ने कहा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने के बाद प्रशासन ने तुरंत स्थिति का संज्ञान लिया और खतरनाक इमारतों की पहचान कर उन्हें गिरा दिया। उन्होंने मांग की कि बिहार में भी पुराने पुलों और जर्जर इमारतों का इसी तरह तुरंत सर्वे किया जाए। उन्होंने कहा कि जो स्ट्रक्चर खतरनाक और असुरक्षित स्थिति में हैं, उनकी समय रहते मरम्मत की जाए और जिन्हें ठीक नहीं किया जा सकता, उन्हें हादसों से पहले ही हटाने की दिशा में तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए।

NHAI ने जारी किया स्पष्टीकरण

दुर्घटना के बाद, NHAI ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह घटना हाजीपुर में बन रहे फोरलेन पुल पर हुई, जो बकरपुर-मानिकपुर NH-139W प्रोजेक्ट का हिस्सा है। NHAI के अनुसार, दुर्घटना तब हुई जब एक लॉन्चिंग गर्डर को हटाया जा रहा था और अचानक तकनीकी खराबी आ गई।

NHAI ने बताया कि हादसे में चार कर्मचारी प्रभावित हुए। तीन को मामूली खरोंचें आईं और वे पूरी तरह ठीक हैं, जबकि एक कर्मचारी के पैर में चोट लगी और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। सभी की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। NHAI ने आगे कहा कि तकनीकी खराबी का कारण पता लगाने के लिए जांच चल रही है और रिपोर्ट के आधार पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
10 Sept 2026 06:31 pm
Published on:
10 Sept 2026 06:31 pm