25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पीएम मोदी पर बरसीं रोहिणी आचार्य, बोलीं- जब देशवासी पीड़ा में, तब उत्सवों में मशगूल रहते हैं प्रधानमंत्री

Rohini Acharya News: रोहिणी आचार्य ने दिल्ली के सत्य निकेतन PG हादसे और बिहार में बाढ़ की स्थिति का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने पीएम मोदी के वडोदरा कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए और इसे इवेंट-बेस्ड पॉलिटिक्स बताया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

पटना

•

image

Anand Shekhar

•

Updated: 9 Sep 2026, 4:55 PM IST

rohini acharya on pm narendra modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रोहिणी आचार्य

Rohini Acharya on PM Modi: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने दिल्ली के सत्य निकेतन में हुई दुखद घटना और बिहार में बाढ़ के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे पर निशाना साधा है। रोहिणी आचार्य ने कहा कि जब देश का आम नागरिक भीषण संकट, हादसों और बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है, उस समय प्रधानमंत्री उतस्वों और भव्य कार्यक्रमों में व्यस्त हैं।

दिल्ली में छात्रों की जिंदगियां दफन, वडोदरा में प्रधानमंत्री का जश्न : रोहिणी आचार्य

रोहिणी आचार्य ने तंज कसते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दिल्ली में छात्रों की जान चली गई है, जबकि प्रधानमंत्री वडोदरा में जश्न मना रहे हैं। उन्होंने इसे देश का दुर्भाग्य बताते हुए कहा कि कहा कि जब भी आम नागरिक किसी बड़ी दुर्घटना, आपदा या संकट के कारण गहरे दुख में होते हैं, तो प्रधानमंत्री उत्सवों और जश्न के कार्यक्रमों में व्यस्त दिखाई देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में भी कई बार ऐसा देखा गया है और वर्तमान में भी वैसा ही देखा जा रहा है।

2014 से ही इवेंट-आधारित राजनीति पीएम मोदी की प्राथमिकता रही : रोहिणी

रोहिणी आचार्य ने कहा कि 2014 से ही इवेंट आधारित राजनीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुख्य फोकस रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना, जर्जर बुनियादी ढांचे में सुधार करना या दुर्घटनाओं के बाद समय पर जवाबदेही तय करना शामिल नहीं है। इसके बजाय पूरे सिस्टम का ध्यान उनकी व्यक्तिगत छवि (PR) को चमकाने और राजनीतिक प्रचार तंत्र को सक्रिय रखने तक ही सीमित रहा है।

हादसों के बीच जश्न मनाना जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा : रोहिणी

रोहिणी आचार्य ने आगे कहा कि आज बिहार सहित देश के कई राज्य बाढ़ की तबाही से जूझ रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक पीजी हॉस्टल की इमारत गिरने से कई छात्रों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि ऐसे मुश्किल समय में प्रधानमंत्री से सहानुभूति और प्रशासनिक गंभीरता की उम्मीद की जाती है, लेकिन उसके बजाय प्रधानमंत्री उत्सवी इवेंट में शामिल हो रहे हैं, जो आम लोगों के दुख को कम करने के बजाय उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।