
UAE के पास जहाज पर हमला (फोटो- X@UKMTO)
UAE Ship attack: पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तट के पास एक कार्गो जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या ड्रोन) हमला हुआ है। UK मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) के अनुसार, पोर्ट राशिद के उत्तर-पश्चिम में लंगर डाले हुए इस जहाज पर हमले के बाद वह एक तरफ झुकने लगा, जिससे आशंका है कि उसमें पानी भर रहा है। जिसके बाद खाड़ी में व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
UKMTO द्वारा जारी आधिकारिक चेतावनी नंबर 130-26 के अनुसार, यह घटना UAE के पोर्ट राशिद से लगभग 24 नॉटिकल मील (लगभग 44 किलोमीटर) उत्तर-पश्चिम में हुई। उस इलाके से गुजर रहे एक अन्य टैंकर के कप्तान ने बताया कि लंगर डाले हुए एक कार्गो जहाज पर अज्ञात चीज से हमले के बाद वह असामान्य रूप से एक तरफ झुक गया था। जहाज के झुकने का मतलब है कि टक्कर के कारण उसके निचले हिस्से (हल) में तेजी से समुद्री पानी भर रहा है। संबंधित सुरक्षा एजेंसियां स्थिति का जायजा ले रही हैं।
इससे ठीक पहले, UKMTO ने एडवाइजरी नंबर 129-26 जारी की, जिसमें बताया गया कि उत्तरी अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी में कई कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया गया था। UKMTO के अनुसार, रिपोर्टों से पता चला है कि इस इलाके में चल रही सैन्य गतिविधियों के बीच कमर्शियल शिपिंग को रोकने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। एजेंसी ने साफ किया कि हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों ने कड़े दिशा-निर्देश जारी कर सभी जहाजों को इस रूट से अत्यधिक सतर्कता के साथ गुजरने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
दूसरी और, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसने मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी नौसेना के दो डिस्ट्रॉयर पर सफल हमले किए हैं। अमेरिकी सेना ने इस दावे को पूरी तरह से मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया है। एक आधिकारिक बयान में, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना के किसी भी युद्धपोत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और IRGC द्वारा किए गए सभी हमले पूरी तरह विफल रहे।
ईरान के दावों को खारिज करने के साथ-साथ अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने तेहरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई से जुड़े आंकड़े जारी किए। अमेरिकी सेना ने बताया कि अमेरिकी बलों ने पिछले एक सप्ताह में ईरान के 10 बड़े कच्चे तेल के टैंकरों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। CENTCOM के अनुसार, ये जहाज अरबों डॉलर के उस 'शैडो नेटवर्क' का अहम हिस्सा थे, जो गुप्त रूप से तेल बेचकर IRGC के सैन्य अभियानों को फंड करता था। अमेरिकी सेना ने कहा कि ईरान इस अवैध वित्तीय नेटवर्क और अपने जहाजों की सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है।
Updated on:
9 Sep 2026, 4:04 PM IST
Published on:
9 Sep 2026, 4:04 PM IST
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