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Delhi Red Fort Blast: NIA चार्जशीट में बड़ा खुलासा, कार के अंदर IED सक्रिय करने का दावा

Red Fort Terror Conspiracy,: NIA की चार्जशीट में दावा है कि 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए धमाके में उमर उन नबी ने कार के अंदर से IED सक्रिय किया। जांच एजेंसी ने कथित AGuH मॉड्यूल, चरमपंथी सामग्री, फर्जी पहचान और ऑपरेशनल ट्रेनिंग का उल्लेख करते हुए दिसंबर 2023 से लाल किले की रेकी का दावा किया है।
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भारत

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Ashib Khan

Sep 09, 2026

delhi red fort blast case

लाल किला कार विस्फोट मामले में NIA चार्जशीट में हुआ खुलासा (फोटो- IANS)

Red Fort Blast NIA Chargesheet: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए धमाके की जांच को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी की चार्जशीट में अहम दावे सामने आए हैं। NIA की चार्जशीट RC-21/2025/NIA/DLI के मुताबिक, आरोपी उमर उन नबी ने कार के अंदर रहते हुए कथित तौर पर IED को सक्रिय किया था।

एनआईए के मुताबिक, धमाके के समय आरोपी उमर उन नबी कार के अंदर मौजूद था और उसने कथित तौर पर एक कमांड मैकेनिज्म के जरिए IED को सक्रिय किया। एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में इस पूरे घटनाक्रम को अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) मॉड्यूल से जोड़ते हुए जांच के निष्कर्ष पेश किए हैं।

NIA ने चार्जशीट में आरोप लगाया है कि आरोपियों पर चरमपंथी सामग्री का प्रभाव था। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों के पास कथित तौर पर ‘लोन मुजाहिद पॉकेट बुक/हत्यारा कैसे बनें’ मिली थी, जिसे एजेंसी ने AQAP से जुड़ा मैनुअल बताया है।

NIA का कहना है कि इस सामग्री में विस्फोटक, हथियार, गुप्त अभियानों और IED से संबंधित जानकारी के अलावा ऑपरेशनल सुरक्षा, निगरानी, बच निकलने और गुप्त गतिविधियों से जुड़ी सामग्री भी शामिल थी।

एजेंसी के मुताबिक, बरामद दस्तावेज केवल वैचारिक प्रचार तक सीमित नहीं थे, बल्कि उनमें ऐसी जानकारियां भी थीं जिनका इस्तेमाल किसी आतंकी सेल की गतिविधियों में किया जा सकता था।

हिंसक विचारधारा का आरोप

अपनी चार्जशीट में एनआईए ने कुछ प्रचार सामग्री का भी उल्लेख किया है। एजेंसी के अनुसार, इन दस्तावेजों में मौजूदा राजनीतिक व्यवस्थाओं को कथित तौर पर ‘शैतानी और अत्याचारी व्यवस्था’ बताया गया था और उन्हें हिंसक तरीके से खत्म करने की विचारधारा को बढ़ावा दिया गया था।

चार्जशीट के मुताबिक, इस सामग्री में यह विचार भी सामने रखा गया कि मुसलमान जिहाद के बिना सम्मान हासिल नहीं कर सकते। NIA का दावा है कि दस्तावेजों में इस्लाम के नाम पर हिंसा को बढ़ावा देने वाली सामग्री, गजवा-ए-हिंद के संदर्भ और इराक, अफगानिस्तान तथा अमेरिका में हुए विभिन्न विद्रोहों का उल्लेख भी था। जांच एजेंसी ने इन दस्तावेजों को कथित AGuH मॉड्यूल की वैचारिक पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा है।

फर्जी पहचान और गुप्त गतिविधियों की ट्रेनिंग का दावा

चार्जशीट में NIA ने यह भी कहा है कि बरामद सामग्री में कथित आतंकी नेटवर्क के सदस्यों के लिए ऑपरेशनल निर्देश मौजूद थे। एजेंसी के मुताबिक, इनमें पहचान छिपाने, गुप्त तरीके से घुसपैठ करने और सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए अलग-अलग फर्जी पहचान तैयार करने जैसे तरीकों का उल्लेख था।

NIA का दावा है कि दस्तावेजों में हमले की रणनीतियों, लक्षित हमलों, अकेले किए जाने वाले हमलों और आत्मघाती हमलों से जुड़ी सामग्री भी मौजूद थी।

करीब दो साल तक हुई रेड फोर्ट की रेकी

NIA की चार्जशीट के मुताबिक, रेड फोर्ट को निशाना बनाने की योजना अचानक तैयार नहीं हुई थी। एजेंसी का दावा है कि दिसंबर 2023 से ही लाल किले की कई बार रेकी की गई।

चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि उमर उन नबी ने अन्य आरोपियों के साथ कई बार रेड फोर्ट का दौरा किया था। इससे जांच एजेंसी ने यह निष्कर्ष निकाला है कि कथित तौर पर लक्ष्य का चयन पहले से किया गया था।

गिरफ्तारियों के बाद जल्दबाजी में हमला करने का आरोप

NIA के अनुसार, हमले की कोई निश्चित तारीख पहले से तय नहीं थी। एजेंसी का दावा है कि श्रीनगर में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उमर उन नबी को भी पकड़े जाने का डर था। इसी डर और गिरफ्तारी की आशंका के चलते हमले को जल्द अंजाम देने का फैसला किया गया।