-स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एसकेआईटी) की ओर से आयोजित वेबिनार में आरटीयू के कुलपति प्रो. आरए गुप्ता ने कहा-छोटे-छोटे ग्रुप में कॉलेज लेंगे प्रैक्टिकल, जुलाई के शुरू में 8वें सेमेस्टर के एग्जाम-जुलाई के चौथे सप्ताह तक रिजल्ट भी होंगे जारी
जयपुर. राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आरटीयू) से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों में स्टूडेंट्स के इंटरनल मार्क्स अब 30 प्रतिशत भेजे जाएंगे। इससे पहले 20 फीसदी इंटरनल मार्क्स और बाकी 80 परसेंट का पेपर आरटीयू की ओर से तैयार किया जाता था। आरटीयू के कुलपति प्रो. आरए गुप्ता ने स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एसकेआईटी) की ओर से आयोजित वेबिनार में कहा कि इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स में प्रैक्टिकल नॉलेज बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इंटरनल माक्र्स में 10 प्रतिशत का इजाफा होने के बाद अब स्टूडेंट्स के लिए थ्योरी पार्ट 70 प्रतिशत का रह जाएगा। ऐसे में स्टूडेंट्स में प्रैक्टिल नॉलेज बढ़ेगी। साथ ही अब करिकुलम इंडस्ट्री की डिमांड के अनुरूप ही तैयार किया जा रहा है, जिससे स्टूडेंट्स कॉलेज से रेडी टू इंडस्ट्री होकर ही निकलेगा।
जॉइनिंग में नहीं होगी देरी
सेशन में टेक्निकल एजुकेशन एक्सपर्ट पुनीत शर्मा के साथ चर्चा में उन्होंने बताया कि आठवें सेमेस्टर के एग्जाम करना हमारी प्राथमिकता है। कॉलेज खुलने के बाद छोटे-छोटे ग्रुप में स्टूडेंट्स बुलाकर स्टूडेंट्स के प्रैक्टिकल कराएंगे। साथ ही जुलाई के पहले सप्ताह में एग्जाम कराने की पूरी तैयारी है। साथ ही १५ दिन के भीतर रिजल्ट भी जारी कर दिया जाएगा। पिछले दिनों कैम्पस प्लेसमेंट में जॉब हासिल करने वाले स्टूडेंट्स की जॉइनिंग में देरी नहीं होगी।
इस साल बढ़ेगे एडमिशन
रजिस्ट्रार रचना मील और डायरेक्टर जयपाल मील के साथ चर्चा करते हुए कुलपति गुप्ता ने कहा कि कोरोना के चलते पैरेंट्स इस बार अपने बच्चों को बाहर नहीं भेजेंगे। ऐसे में ये प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए अपॉच्र्यूनिटी है, जिसके लिए उन्हें तैयार रहना चाहिए। मुंबई, दिल्ली सहित दूसरे शहरों में बढ़ते कोरोना केसेज के चलते बहुत से परिजन जयपुर में ही एडमिशन को प्राथमिकता देंगे। इस स्थिति में कॉलेजों को अपने शैक्षणिक गुणवत्ता पर फोकस करना चाहिए।
ऑनलाइन एजुकेशन में अभी प्रयासों की जरूरत
‘ऑनलाइन- दी न्यू नॉर्मल ऑन एजुकेशन’ विषय पर आयोजित वेबिनार में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए एआइसीटीई के वाइस चेयरमैन एमपी पूनिया ने कहा कि आने वाला समय ऑनलाइन एजुकेशन का है, लेकिन इसके लिए काफी प्रयास करने होंगे। उन्होंने शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों में कम्प्यूटर एवं ऑनलाइन एजुकेशन पर चिंता जताते हुए कहा कि जहां ग्रामीण क्षेत्रों में 17 प्रतिशत लोग ई-लर्निंग के लिए सक्षम हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों में 42 प्रतिशत लोग ही इस सुविधा का लाभ उठा पा रहे हैं।