
बारिश (पत्रिका फोटो)
Weather Update: दुर्ग जिले में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर तक तेज गर्मी का असर बना रहा, लेकिन इसके बाद बादल छाने लगे और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शाम करीब 6 बजे हल्की बूंदाबांदी से शुरुआत हुई, जो कुछ ही समय में तेज बारिश में बदल गई। यह सीजन की पहली तेज बारिश थी, जिसने मौसम को ठंडा कर दिया। शाम को करीब 36 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। लगभग आधे घंटे तक हुई इस बारिश में करीब 2.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं, दिन का अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, दुर्ग समेत पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम का यह बदलाव कई सक्रिय मौसमी तंत्रों के संयुक्त प्रभाव से हो रहा है। दरअसल, अभी उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो मूल रूप से भूमध्य सागर क्षेत्र से आने वाला एक कम दबाव वाला तूफानी सिस्टम होता है। यह सिस्टम पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ते हुए अपने साथ नमी लेकर आता है और वातावरण में अस्थिरता पैदा करता है।
इसके अलावा, प्रदेश के आसपास अलग-अलग ऊंचाई पर ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। आसान भाषा में समझें तो ये हवा के ऐसे घूमते हुए क्षेत्र होते हैं, जहां दबाव कम होता है और आसपास की हवा तेजी से ऊपर उठती है। जब यह नम हवा ऊपर जाती है तो ठंडी होकर बादल बनाती है और यही बादल आगे चलकर बारिश या आंधी का कारण बनते हैं। दुर्ग और आसपास के इलाके में एक और महत्वपूर्ण भूमिका द्रोणिका निभा रही है, जो दक्षिण मध्य प्रदेश से होते हुए उत्तर छत्तीसगढ़ और बिहार तक फैली हुई है।
द्रोणिका दरअसल कम दबाव की एक लंबी पट्टी होती है, जहां अलग-अलग दिशाओं से हवाएं आकर टकराती हैं। इस टकराव से हवा ऊपर उठती है और बादल तेजी से विकसित होते हैं। यही कारण है कि अचानक गरज-चमक और बारिश जैसी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। जब ये सभी सिस्टम यानी पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण व द्रोणिका एक साथ सक्रिय होते हैं, तो वातावरण में नमी, अस्थिरता, ऊध्र्वगामी हवा बढ़ जाती है। यही स्थिति जिले में बन रही है, जिसके कारण दिन में गर्मी,शाम को तेज बारिश जैसे बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
मौसम विभाग ने 7 मई को दुर्ग जिले में हल्की से मध्यम वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना जताई है। साथ ही एक-दो स्थानों पर अंधड़ चलने और वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है। तेज हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में और गिरावट की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा और बीच-बीच में बादल, बारिश और उमस का दौर जारी रह सकता है।
दुर्ग जिले में मौसम फिलहाल पूरी तरह डायनामिक बना हुआ है, जहां कई मौसमी तंत्र मिलकर लगातार बदलाव ला रहे हैं। फिलहाल दुर्ग जिले के न्यूनतम तापमान में भी गिरावट का दौर तेज हो गया है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सोमवार की तुलना में एक डिग्री कम था। मौसम विभाग ने इसमें भी गिरावट की संभावना जताई है।
एचपी चंद्रा, मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, इस समय कई सारे सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। इसके वजह से दुर्ग सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मौसम बदलेगा। हल्की बारिश संभावित है।
Updated on:
06 May 2026 07:52 pm
Published on:
06 May 2026 07:51 pm
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