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ऑनलाइन ट्रेडिंग के झांसे में 45 लाख की ठगी, फेसबुक लिंक से रिटायर्ड कर्मी को बनाया शिकार

Cyber Fraud Bhilai: भिलाई में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर रिटायर्ड बीएसपी कर्मी से 45 लाख से ज्यादा की साइबर ठगी, फेसबुक के जरिए ठगों ने बनाया शिकार; पुलिस जांच में जुटी।

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ऑनलाइन ट्रेडिंग के झांसे में 45 लाख की ठगी, फेसबुक लिंक से रिटायर्ड कर्मी को बनाया शिकार(photo-patrika)

ऑनलाइन ट्रेडिंग के झांसे में 45 लाख की ठगी, फेसबुक लिंक से रिटायर्ड कर्मी को बनाया शिकार(photo-patrika)

Cyber Fraud Bhilai: छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक सेवानिवृत्त बीएसपी कर्मचारी से 45 लाख 18 हजार 998 रुपए की साइबर ठगी हो गई। ठगों ने फेसबुक पर निवेश का झांसा देकर आमदी नगर हुडको निवासी जयंत बागची (61 वर्ष) को अपने जाल में फंसाया और उनकी जीवनभर की गाढ़ी कमाई उड़ा ली। भिलाई नगर थाना पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Cyber Fraud Bhilai: ऑनलाइन ट्रेडिंग के झांसे में 45 लाख की ठगी

पुलिस के अनुसार, 10 मार्च को जयंत बागची फेसबुक देख रहे थे, तभी उन्हें भारत की वित्तमंत्री के नाम से निवेश संबंधी जानकारी मिली। इससे प्रभावित होकर उन्होंने दिए गए लिंक पर रजिस्ट्रेशन कराया और प्रारंभिक पंजीयन शुल्क के रूप में 18 हजार 998 रुपए जमा किए। इसके बाद ठगों ने खुद को अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग नेटवर्क से जुड़ा बताकर उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश का झांसा दिया।

उन्होंने दावा किया कि उनका कारोबार यूनाइटेड किंगडम, यूनाइटेड स्टेट्स, जापान और ऑस्ट्रेलिया में फैला है। इसी भरोसे में जयंत बागची ने अलग-अलग तारीखों में लगातार रकम जमा करानी शुरू कर दी। इस प्रकार, जयंत बागची ने कुल 45 लाख 18 हजार 998 रुपए का निवेश कर दिया।

ठगी का एहसास होने पर जयंत बागची ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक को भी सूचित किया। इसके बाद उन्होंने भिलाई नगर थाना में आकर आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कराया, जिस पर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।

क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन और टैक्स के नाम पर ठगे

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने ट्रेडिंग खाते में भारी लाभ दिखाया और करीब 2.70 लाख अमेरिकी डॉलर की निकासी का विकल्प बताया, लेकिन जब जयंत बागची ने रकम वापस मांगी तो क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन और टैक्स के नाम पर पहले 34 लाख रुपए लिए। इसके बाद में 12 लाख रुपए और जमा करने का दबाव बनाया। लगातार अतिरिक्त रकम की मांग और संदिग्ध गतिविधियों के बाद उनको ठगी का अहसास हुआ।