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भिलाई के युवा का कमाल! 50 हजार में पेट्रोल स्कूटर बनेगा मल्टी-फ्यूल, हाइब्रिड किट से गैस और बैटरी पर भी चलेगा

CG News: भिलाई शहर के कैलाश नगर निवासी 30 वर्षीय अक्षय ठाकरे ने दोपहिया वाहन क्षेत्र में एक अनोखा नवाचार कर नई मिसाल पेश की है।
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Updated: 29 Mar 2026, 1:21 PM IST
भिलाई के युवा का कमाल! 50 हजार में पेट्रोल स्कूटर बनेगा मल्टी-फ्यूल, हाइब्रिड किट से गैस और बैटरी पर भी चलेगा(photo-patrika)
भिलाई के युवा का कमाल! 50 हजार में पेट्रोल स्कूटर बनेगा मल्टी-फ्यूल, हाइब्रिड किट से गैस और बैटरी पर भी चलेगा(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर के कैलाश नगर निवासी 30 वर्षीय अक्षय ठाकरे ने दोपहिया वाहन क्षेत्र में एक अनोखा नवाचार कर नई मिसाल पेश की है। उन्होंने एक ऐसी हाइब्रिड कन्वर्जन किट विकसित की है, जिसकी मदद से सामान्य पेट्रोल स्कूटर अब पेट्रोल के साथ-साथ एलपीजी गैस और बैटरी से भी चल सकेगा। बढ़ती ईंधन कीमतों और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच यह तकनीक आम लोगों के लिए सस्ती और उपयोगी विकल्प के रूप में उभर सकती है।

CG News: एक स्कूटर, तीन ईंधन का विकल्प

अक्षय द्वारा विकसित इस किट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक ही स्कूटर को मल्टी-फ्यूल वाहन में बदल देती है। उपयोगकर्ता अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार पेट्रोल, गैस (एलपीजी) या बैटरी का इस्तेमाल कर सकता है। इससे न केवल ईंधन खर्च कम होगा, बल्कि पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव भी घटेगा।

कम लागत में बड़ा समाधान

अक्षय का दावा है कि इस किट को किसी भी पेट्रोल स्कूटर में लगभग 45 से 55 हजार रुपये के खर्च में लगाया जा सकता है। मौजूदा समय में जहां इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत ज्यादा है, वहीं यह किट कम लागत में हाइब्रिड विकल्प उपलब्ध कराकर आम लोगों के लिए एक व्यावहारिक समाधान बन सकती है।

एक महीने की मेहनत से तैयार तकनीक

इस नवाचार को विकसित करने में अक्षय ने करीब एक महीने तक लगातार मेहनत की। अपनी तकनीकी समझ और व्यावहारिक अनुभव के आधार पर उन्होंने इस किट को इस तरह डिजाइन किया कि इसे किसी भी सामान्य पेट्रोल स्कूटर में आसानी से फिट किया जा सके, जिससे उपयोगकर्ताओं को इसे अपनाने में किसी प्रकार की जटिलता का सामना न करना पड़े।

भविष्य में बिजली उत्पादन की योजना

अक्षय इस तकनीक को और उन्नत बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे स्कूटर में छोटा अल्टरनेटर मोटर जोड़ने की योजना बना रहे हैं, जिससे यह दोपहिया वाहन 220 वोल्ट तक बिजली उत्पन्न कर सकेगा। इससे छोटे घरेलू उपकरणों के साथ-साथ वेल्डिंग मशीन चलाने की संभावना भी बनेगी, जो रोजगार के नए अवसर खोल सकती है।

ईवी बैटरी रिपेयर में भी सक्रिय

अक्षय केवल हाइब्रिड किट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ईवी बैटरी के रिपेयर और असेंबलिंग का काम भी करते हैं। उनका कहना है कि खराब बैटरियों को पूरी तरह बदलने के बजाय कम लागत में सुधार कर दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी और इलेक्ट्रॉनिक कचरा भी कम होगा।

पर्यावरण और जेब- दोनों को फायदा

यह नवाचार केवल ईंधन की बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। मल्टी-फ्यूल विकल्प उपलब्ध होने से उपयोगकर्ता अपनी जरूरत और उपलब्धता के अनुसार पेट्रोल, गैस या बैटरी का चयन कर सकता है, जिससे ऊर्जा का संतुलित और प्रभावी उपयोग संभव हो पाता है। इसके साथ ही पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम होने से प्रदूषण में कमी आने की भी उम्मीद है।

स्थानीय नवाचार, बड़े बदलाव की उम्मीद

भिलाई जैसे शहर से निकलकर सामने आया यह नवाचार दर्शाता है कि छोटे शहरों में भी प्रतिभा और नवाचार की कमी नहीं है। यदि इस तकनीक को व्यापक स्तर पर अपनाया जाता है, तो यह दोपहिया वाहन उद्योग में एक बड़ा बदलाव ला सकती है और आम लोगों के लिए किफायती परिवहन का नया विकल्प बन सकती है।

Updated on:
29 Mar 2026, 1:21 PM IST
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