Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र पर जिले के बिरनपुर में राहुल गांधी के नाम से जोत जलवाई गई है। साजा विधानसभा क्षेत्र में आने वाले प्राचीन शक्ति माता मंदिर में इस बार भक्ति के साथ-साथ सियासी शक्ति का तडक़ा भी देखने को मिल रहा है।
Chaitra Navratri 2026: मिडिल ईस्ट में इन दिनों लगातार युद्ध जारी है। साथ ही हालात तेजी से विस्फोटक होते जा रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब सीधे सैन्य टकराव की तरफ बढ़ता दिख रहा है। इस बीच खबर आ रही है छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बिरनपुर में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनाने अर्जी लगाई गई है। चैत्र नवरात्र पर जिले के बिरनपुर में राहुल गांधी के नाम से जोत जलवाई गई है। साजा विधानसभा क्षेत्र में आने वाले प्राचीन शक्ति माता मंदिर में इस बार भक्ति के साथ-साथ सियासी शक्ति का तडक़ा भी देखने को मिल रहा है।
इधर रजिस्टर में दर्ज, उधर दिल्ली की कुर्सी पर नजर- बिरनपुर का यह प्राचीन मंदिर अपनी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद 6 महीने के भीतर पूरी हो जाती है। इसी आस्था के बीच किसान कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने एक विशेष अर्जी लगाई है। मंदिर के रिकॉर्ड रजिस्टर में ज्योति कलश संख्या 788 इस समय चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यहां राहुल गांधी को भारत का प्रधानमंत्री बनाने की कामना के साथ कांग्रेस के पदाधिकारियों ने ज्योति जलवाई है। किसान कांग्रेस नेता राजेंद्र साहू, बलदाऊ मिश्रा और उपेंद्र हंसा ने जोत जलवाई है।
कबीरधाम की सीमा और बेमेतरा के अंत पर स्थित बिरनपुर की यह भौगोलिक स्थिति जितनी महत्वपूर्ण है। उतनी ही महत्वपूर्ण अब यह सीरियल नंबर 788 की लौ हो गई है। साजा की धरा से उठी यह लौ दिल्ली के सियासी गलियारों में कितनी चमक बिखेरेगी। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल यह मनोकामना ज्योति पूरे प्रदेश में कौतूहल का विषय बनी हुई है।
क्षेत्र में चर्चा है कि जहां आम जनता बेटी की शादी या घर की खुशहाली के लिए जोत जलवाई जाती है। वहीं कांग्रेसी नेताओं ने सीधे दिल्ली की सत्ता के लिए अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करवाई है। ग्रामीण और राजनीतिक गलियारों में अब सवाल यह तैर रहा है कि क्या माता रानी 6 महीने के भीतर राहुल गांधी का राजनीतिक वनवास खत्म करेंगी। लोगों का मानना है कि भक्ति अपनी जगह है और राजनीति अपनी जगह। लेकिन जब आस्था के केंद्र में सत्ता की कामना जुड़ जाए, तो वह चर्चा का विषय बन जाती है।
बेमेतरा के बिरनपुर में 8 अप्रैल 2023 को दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ था। इस झगड़े में भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव पसरा। यह मामला राजनीतिक मुद्दा भी बना। इसी दौरान गांव के ही कुछ घरों में आगजनी भी हुई। 10 अप्रैल को मुस्लिम समुदाय के दो लोगों के शव खेत से बरामद हुए थे। इसके बाद तनाव इतना बढ़ गया था कि गांव में धारा 144 लगानी पड़ी और करीब दो सप्ताह तक कर्फ्यू जारी रहा था। पुलिस ने भुनेश्वर साहू की हत्या के मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में साजा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस सरकार में कृषि मंत्री रहे एवं सात बार के विधायक रविंद्र चौबे को हार का सामना करना पड़ा था। उनको पहली बार चुनाव मैदान में उतरे बीजेपी के उम्मीदवार ईश्वर साहू ने हराया था। ईश्वर साहू ने 5196 वोटों से रविंद्र चौबे को हराया था। ईश्वर साहू को 1,01,789 वोट मिले, जबकि रविंद्र चौबे को 96,593 वोट मिले थे। बता दें कि ईश्वर साहू के बेटे भुवनेश्वर साहू की मौत सांप्रदायिक हिंसा में हुई थी। इसके बाद बीजेपी ने चुनाव में ईश्वर साहू को उम्मीदवार बनाया था। बीजेपी नेता अमित शाह ने ईश्वर साहू के लिए प्रचार किया था।