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CG News: छत्तीसगढ़ के युवक ने गांव से शहर तक पहुंचाई ऑर्गेनिक तेल की खुशबू, किसान से उद्यमी बने सत्याराम साहू ने बदली जिंदगी

CG News: छोटे व्यवसाय को बड़े स्तर पर विकसित किया और अपनी मेहनत को सफलता में बदल दिया। सत्याराम साहू का परिवार पारंपरिक खेती पर निर्भर था।

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Jan 07, 2026

CG News: रायगढ़ बड़े नवापारा बरमकेला के रहने वाले सत्याराम साहू कभी केवल पारंपरिक खेती करते थे, लेकिर आज जिले के सफल ऑर्गेनिक ऑयल उद्यमियों में गिने जाते हैं। पीएमएफएमई योजना की सहायता और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने अपने छोटे व्यवसाय को बड़े स्तर पर विकसित किया और अपनी मेहनत को सफलता में बदल दिया। सत्याराम साहू का परिवार पारंपरिक खेती पर निर्भर था।

बढ़ती लागत और कम दाम की बजह से उनकी आमदनी सीमित थी और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान उन्होंने यह ठाना कि कुछ नया किया जाए और खेती भी से आय बढ़ाई जाए। उन्होंने महसूस किया कि मानवाधिकार परिषद संगठन का अध्यक्ष है युवक बाजार में केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। उनके क्षेत्र में सरसों, तिल और मूंगफली की अच्छी पैदावार थी। उन्होंने सोचा कि अगर वे खुद तेल तैयार करें ब्रांडेड तरीके से बेचे तो अधिक मुनाफा मिलेगा।

लोन लेकर शुरू किया व्यापार

सत्याराम साहू ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र रायगढ़ से संपर्क किया और पीएमएफएमई योजना के तहत वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण की जानकारी ली। योजना के पात्रतानुसार उन्होंने आवेदन किया और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से लोन एवं 10 लाख रुपए का अनुदान प्राप्त कर 29.80 लाख रुपए की परियोजना में निवेश किया। इसके बाद उन्होंने न्यू मरीन ड्राइव, रायगढ़ में ऑर्गेनिक ऑयल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना की।

क्या कहते हैं अधिकारी

स्वावलंबन और रोजगार सृजन का प्रतीक भी बन चुकी है। आज उनकी गासिक बिट्टी 2.50 से 3 लाख रुपए तक पहुंच चुकी है। इससे वह अच्छा साता आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना उनके लिए हुई है। जीवन बदलने वाली साबित जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक अंजू नायक ने बताया कि प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना भारत के छोटे फुड़ प्रोसेसिंग सेक्टर को संगठित और मजबूत बनाने को दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना वित्तीय सहायत समर्थन का संपूर्ण पैकेज देती हैं, जिससे छोटे उद्यमी अपनी उत्क गुणवत्ता और मुनाफर बढ़ा सकते हैं।

केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक आयल उत्पादन

वे सरसों, तिल, नारियल और मूंगफली से केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक आयल का उत्पादन शुरू किया। इस कार्य में सत्याराम ने अपने साथ चार अन्य बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया। उनकी इकाई न केवल आर्थिक रूप से सफल है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वालंबन और रोजगार सृजन का प्रतीक बन चूका है।

Published on:
07 Jan 2026 02:48 pm
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