
Electric Vehicle Sales: राकेश टेंभुरकर. राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की खरीदी को बढ़ावा देने के लिए नए प्रावधान लागू किए हैं। ईवी पर पहले से मिल रही 50 फीसदी रोड टैक्स में छूट के साथ-साथ खरीदारों को सब्सिडी का भी लाभ देने की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, बीते दो सालों में करीब 57 हजार वाहनों की सब्सिडी अटकी हुई है। इसके बावजूद दोपहिया से लेकर चारपहिया ईवी की डिमांड में कमी नहीं आई है। अब सवाल यह है कि नए नियमों में सब्सिडी को लेकर क्या प्रावधान किए गए हैं और खरीदारों को इसका लाभ कब तक मिल पाएगा?
राज्य सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट देने के फैसले का असर अब साफ नजर आने लगा है। ईवी की बिक्री में लगातार इजाफा हो रहा है। मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और सरकार की ओर से दी जाने वाली राहत है। इससे जहां ईवी की खरीदी में तेजी आई है, वहीं वायु प्रदूषण पर भी अंकुश लग रहा है।
ईवी को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 31 अगस्त 2022 को 5 साल की ईवी पॉलिसी लागू की गई थी। हालांकि, इसके लागू होने से पहले ही प्रदेश की सड़कों पर 7000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन दौड़ रहे थे। पॉलिसी लागू होने के बाद हर साल इनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इस समय प्रदेश में 1.49 लाख इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसमें 50 सीसी से कम स्पीड वाले करीब 25 हजार वाहन शामिल हैं। ऑटोमोबाइल डीलरों का कहना है कि ईवी की डिमांड पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए ब्रांडेड कंपनियों द्वारा नई वैरायटी और आर्कषक वाहनों को लांच किया जा रहा है।
राज्य सरकार द्वारा ईवी को बढ़ावा देने और वायु प्रदूषण को कम करने के कारण सब्सिडी का प्रावधान तो किया है, लेकिन दो साल पुराने ईवी की सब्सिडी अटकी हुई है। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 22 अगस्त 2025 तक 56 हजार 674 वाहनों की सब्सिडी राशि 125 करोड़ रुपए बकाया है। इन सबके बावजूद दो पहिया, तीन पहिया, और कार आदि की खरीदी में कोई कमी नहीं आई है। ईवी की डिमांड बनी हुई है।
राज्य सरकार द्वारा 31 अगस्त 2022 को 5 साल के लिए ईवी पॉलिसी लागू की गई है। इसमें पहले दो साल रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स में पूरी तरह से छूट। इसके बाद 2 साल तक रोड टैक्स में 50 फीसदी और इसके बाद रोड टैक्स में 25 फीसदी की छूट मिलेगी। साथ ही वाहन की कीमत का न्यूततम 10 फीसदी और अधिकतम 1.50 लाख की सब्सिडी का प्रावधान किया गया था। वहीं हाईब्रिड वाहनों की कीमत की 50 फीसदी तक छूट मिल रही थी। इसके चलते लगातार लक्जरी वाहनों की खरीदी का ग्राफ बढ़ने के बाद पंजीकृत वाहनों को न्यूनतम 10 फीसदी और अधिकतम 1 लाख के साथ ही 10 लाख से ज्यादा कीमत वाले वाहनों की सब्सिडी को समाप्त कर दिया गया है।
ईवी का बकाया 125 करोड़ रुपए वाहन मालिकों को देने के लिए सब्सिडी राशि जारी करने के लिए वित्त विभाग को लिखा गया है। राशि मिलते ही जल्दी ही इसका वितरण किया जाएगा। - एस प्रकाश, सचिव परिवहन विभाग
2022- 23 में 27695 ईवी बिक्री
2023 -24 में 24719 ईवी बिक्री
2024- 25 में 12617 ईवी बिक्री
2025 में अब तक करीब 45000