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आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम: ECMS के तहत 12 नए प्रोजेक्ट मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने ECMS के तहत 12 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।
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Updated: 6 Nov 2026, 8:15 PM IST
electronics components manufacturing
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Janani)

केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। IT सचिव एस. कृष्णन ने शुक्रवार को बताया कि केंद्र सरकार ने 'इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' (ECMS) के तहत 12 नए आवेदनों को मंजूरी दी है। इनमें 7,500 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। इस कदम से घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और भारत के कंपोनेंट इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।

आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

हाल ही में मिली मंजूरियों में न केवल इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, बल्कि सामग्री और कैपिटल गुड्स से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन के प्रमुख क्षेत्रों में इस योजना का दायरा और बढ़ गया है। मंजूरियों का यह नया दौर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक मजबूत घरेलू इकोसिस्टम बनाने और आयातित पुर्जों पर निर्भरता कम करने की सरकार की कोशिशों को और गति देता है। नीति निर्माता अब कंपोनेंट्स के उत्पादन के साथ-साथ कच्चे माल और मैन्युफैक्चरिंग उपकरणों जैसे अपस्ट्रीम क्षेत्रों को मजबूत करने पर भी जोर दे रहे हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन (मूल्यवर्धन) को गहरा किया जा सके।

क्या है ECMS रणनीति?

ECMS, भारत की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके जरिए वह पूरी सप्लाई चेन में निवेश को बढ़ावा देकर और जरूरी इनपुट के मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ाकर खुद को एक ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना चाहता है। इसके अलावा सरकार ने शुक्रवार को 'सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम' के तहत 'सेमीकॉन 2.0' वेब एप्लिकेशन पोर्टल लॉन्च किया। इस बीच, इस साल की शुरुआत में जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 अरब डॉलर का घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना और 150 अरब डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात हासिल करना है।

भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन

17 सितंबर को जारी फैक्टशीट के मुताबिक, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 2014-15 के 1.9 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 2025-26 में 13.11 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इसी अवधि में इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात भी लगभग 38,000 करोड़ से बढ़कर 4.24 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

IT सचिव एस. कृष्णन ने कहा- इस निरंतर विकास ने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लक्ष्यों के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। अब अगली प्राथमिकता घरेलू स्तर पर कंपोनेंट्स का निर्माण, अधिक वैल्यू एडिशन और सप्लाई चेन को और अधिक लचीला बनाकर इस इकोसिस्टम को और गहरा करना है।

इलेक्ट्रॉनिक्स आज की आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं और रोजमर्रा की जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। ये संचार, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, वित्त, मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को संचालित करते हैं।

स्मार्टफोन और ऑटोमोबाइल से लेकर टेलीकॉम नेटवर्क और औद्योगिक प्रणालियों तक, इलेक्ट्रॉनिक्स तकनीकी प्रगति और आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता को आगे बढ़ाते हैं। इसलिए तकनीकी मजबूती, आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के लिए एक मजबूत घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का होना बहुत जरूरी है।

Updated on:
6 Nov 2026, 8:15 PM IST
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