
पंजाब में 'एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026' का आगाज हो गया है। यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में खेला जाएगा। हॉकी इंडिया ने मंगलवार को 'एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026' के लिए भारतीय पुरुष टीम की घोषणा कर दी है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह टीम की कमान संभालेंगे।
हरमनप्रीत ने जापान में हुए एशियन गेम्स में भारत को ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जिताया था, जहां टीम ने पहली बार अपने महाद्विपीय खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। टीम में उन खिलाड़ियों को बरकरार रखा गया है, जिन्होंने एशियन गेम्स में सफलता दिलाई थी। इससे निरंतरता बनी रहेगी, क्योंकि भारत घरेलू मैदान पर एशिया के प्रमुख हॉकी देशों का सामना करने की तैयारी कर रहा है।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक की वापसी हुई है, जबकि युवा डिफेंडर अमनदीप लकरा और मिडफील्डर आदित्य अर्जुन लालागे को सीनियर टीम में अपनी जगह मजबूत करने का एक और मौका मिला है। 18 सदस्यीय प्लेइंग स्क्वाड के अलावा मिडफील्डर विष्णु कांत सिंह और फॉरवर्ड अंगद बीर सिंह को दो रिजर्व खिलाड़ियों के तौर पर चुना गया है।
मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा- पंजाब में एसीटी खेलना कुछ खास होगा। इस टीम में युवा जोश और अनुभव का मेल है। हम घरेलू दर्शकों के उत्साह का लाभ उठाने के लिए बेताब हैं। भारत में टूर्नामेंट खेलने जैसा कुछ नहीं है, और हमने इसे बहुत मिस किया है।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट का खास महत्व है, क्योंकि इससे पंजाब में इंटरनेशनल हॉकी की वापसी हो रही है। इस राज्य ने खेल में बहुत बड़ा योगदान दिया है और कई पीढ़ियों तक शानदार खिलाड़ी दिए हैं। जालंधर और मोहाली में होने वाले मैचों के जरिए एशिया के बेहतरीन हॉकी टैलेंट इस क्षेत्र में आएंगे, जिसका खेल से गहरा नाता है।
डिफेंडिंग चैंपियन भारत अपनी हालिया सफलता को आगे बढ़ाना चाहेगा और एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपने शानदार रिकॉर्ड को जारी रखना चाहेगा। भारत ने अब तक पांच बार यह खिताब जीता है और वह टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है। मुकाबले की शुरुआत जालंधर से होगी, जहां ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक ओपनिंग सेरेमनी और लीग-स्टेज के सभी मैच खेले जाएंगे।
इसके बाद टूर्नामेंट के अहम मैचों के लिए मुकाबले मोहाली में होंगे। 4 नवंबर को सेमीफाइनल और 5 नवंबर को ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में मेडल मैच खेले जाएंगे। घरेलू दर्शकों से जबरदस्त समर्थन की उम्मीद के बीच, भारतीय टीम एक यादगार टूर्नामेंट खेलने और पंजाब में इंटरनेशनल हॉकी की वापसी को राज्य की शानदार विरासत के जश्न के तौर पर मनाने की कोशिश करेगी।