
गर्मी के दिनों में जब चिलचिलाती धूप से राहत चाहिए, तब भारतीय परंपरा की ठंडक भरी औषधीय जड़ी-बूटियों से बने पेय एक सुकून भरा विकल्प बनकर सामने आते हैं। ये सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि शरीर को ठंडक, पाचन में मदद और ऊर्जा का अहसास भी देते हैं। आइए जानते हैं, कुछ खास औषधीय शीतल पेय और उनकी खासियतें।
सारिवा, जिसे नन्नारी या इंडियन सार्सापरिला (Hemidesmus indicus) कहते हैं, सदियों से दक्षिण भारत में गर्मी से राहत के लिए प्रयोग होता आया है। आयुर्वेदिक परंपरा में इसे त्वचा की गर्मी, जलन, प्यास और थकावट कम करने वाला माना जाता है।
विधि: 20–30 ग्राम सूखी सारिवा जड़ को रात भर पानी में भिगोकर सुबह 10–15 मिनट तक उबालें, छानकर गुनगुने पानी में गुड़ या मिश्री मिलाएं, इलायची पाउडर डालें और कमरे के तापमान पर ठंडा होने पर 150–200 मिलीलीटर दिन में एक या दो बार पिएं।
रूह अफजा एक प्रसिद्ध यूनानी मिश्रण है, जिसे 1906 में दिल्ली में गर्मी से राहत के लिए तैयार किया गया था। इसमें गुलाब और अन्य ठंडक देने वाले जड़ी-बूटियां शामिल हैं, जो लू (गर्म हवा) से बचाव में मदद करती हैं। यह आमतौर पर ठंडे पानी या दूध में मिलाकर बर्फ के साथ परोसा जाता है और रमजान के इफ्तार में खास तौर पर लोकप्रिय है।
बेल (वुड एप्पल) से बना शरबत उत्तर भारत में गर्मी में पसंद किया जाता है। इसमें बेल का गूदा, गुड़, नींबू और काला नमक मिलाकर स्वाद और ठंडक दोनों मिलती है। यह पाचन में मदद करता है और कब्ज, पेचिश, अल्सर जैसी समस्याओं में राहत देता है।
भुने हुए चने के आटे (सत्तू) से बना यह पेय प्रोटीन, फाइबर और इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है। ठंडे पानी, नमक, नींबू और भुना जीरा मिलाकर तैयार किया जाता है। यह गर्मी में ऊर्जा बनाए रखता है और पाचन को भी संतुलित करता है।
खस की जड़ें सदियों से घरों में ठंडक के लिए इस्तेमाल होती रही हैं। सौंफ का पानी भी पाचन को शांत करता है और शरीर को ठंडक पहुंचाता है।
कोकम शरबत पेट की गर्मी कम करता है और तुरंत ठंडक पहुंचाता है। आम पन्ना विटामिन C और पेक्टिन से भरपूर होता है, जो पसीने से खोए इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करता है। जलेजीरा भी मसालों और खट्टे स्वाद से पाचन और ठंडक दोनों में मदद करता है।
इन पेयों में न सिर्फ स्वाद और ठंडक है, बल्कि पाचन सुधार, ऊर्जा बनाए रखना और त्वचा की गर्मी कम करना जैसे फायदे भी हैं। उदाहरण के लिए, सारिवा शरबत त्वचा की जलन और गर्मी को शांत करता है, जबकि सत्तू शरबत ऊर्जा और इलेक्ट्रोलाइट्स देता है। रूह अफजा और बेल शरबत पाचन में मदद करते हैं और गर्मी से राहत देते हैं। गर्मी में जब ठंडक की तलाश हो, तो इन पारंपरिक औषधीय पेयों को आजमाएं। इन शीतल पेय को घर पर बनाना आसान है।