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तेजी से बढ़ रहे कैंसर के मामले: 2050 तक दोगुनी होगी रफ्तार, WHO ने दी चेतावनी

कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसको लेकर WHO की चेतावनी दी है। WHO के मुताबिक, 2050 तक कैंसर के मामलों की रफ्तार लगभग दोगुनी हो सकती है।
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Sep 27, 2026
cancer cases are increasing rapidly
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने हाल ही में चेतावनी दी है कि 2050 तक दुनिया भर में कैंसर के मामले दोगुने हो सकते हैं, जो एक गंभीर हेल्थ चुनौती को दिखाता है। उम्र बढ़ने, लाइफस्टाइल, स्मोकिंग, मोटापा और पर्यावरण के असर जैसे फैक्टर्स के साथ-साथ, कैंसर की रोकथाम, जल्दी पता लगाने और मॉडर्न कैंसर ट्रीटमेंट तक सभी की बराबर पहुंच पर खास जोर देना बहुत जरूरी हो गया है।

क्या नई टेक्नोलॉजी कैंसर के अनुमानों को बदल सकती है?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि नई टेक्नोलॉजी में कैंसर और उसके असर के बारे में भविष्य के अनुमानों को पूरी तरह से बदलने की क्षमता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जीनोमिक्स और एडवांस्ड डायग्नोस्टिक्स जैसी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के आने से कैंसर का जल्दी पता लगाने और प्रिसिजन मेडिसिन में बड़े बदलाव आ रहे हैं।

टेक्नोलॉजी ने कैंसर के इलाज में क्रांति

डॉक्टर्स का कहना है कि हाल के दिनों में, टेक्नोलॉजी ने कैंसर का पता लगाने और इलाज के तरीकों में काफी सुधार किया है। अब कैंसर का शुरुआती स्टेज में सही पता लगाना और मरीज की खास जरूरतों के हिसाब से पर्सनलाइज्ड इलाज देना मुमकिन है। रेडिएशन थेरेपी उन एरिया में से एक है जिसमें हाल ही में काफी तरक्की हुई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एडवांस्ड मेडिकल इमेजिंग और मॉडर्न रेडिएशन टेक्नीक ने कैंसर के इलाज (रेडियोथेरेपी) में क्रांति ला दी है, जहां पहले रेडिएशन देने से आस-पास के हेल्दी अंगों को काफी नुकसान होता था। वहीं, आज की टेक्नोलॉजी ट्यूमर को सटीक रूप से टारगेट करने में मदद करती हैं।

एडवांस्ड मेडिकल इमेजिंग और मॉडर्न रेडिएशन टेक्नीक (जैसे IMRT, VMAT, और डोज पेंटिंग) ने कैंसर के इलाज को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और असरदार बना दिया है। ट्यूमर की जगह का सही पता लगाकर, ये एडवांस्ड इमेजिंग टेक्नीक हेल्दी, नॉर्मल टिशू को बचाते हुए रेडिएशन बीम को ट्यूमर पर ठीक से फोकस करना मुमकिन बनाती हैं। ये टेक्नीक ट्यूमर को बेहतर कंट्रोल देती हैं, नॉर्मल टिशू को कम से कम नुकसान पहुंचाती हैं और मरीज की जिंदगी की क्वालिटी को बेहतर बनाती हैं।

गंभीर रोग का इलाज उपलब्ध

गंभीर और खतरनाक माने जाने वाले कैंसर के लिए अब बिना सर्जरी वाला इलाज उपलब्ध हो गया है।SRS/SBRT जैसी एडवांस्ड रेडियोसर्जरी तकनीकें अब प्रोस्टेट, फेफड़े और लिवर के शुरुआती स्टेज के कैंसर के साथ-साथ कई तरह के ब्रेन ट्यूमर के लिए बिना सर्जरी वाला इलाज उपलब्ध कराती हैं। यह फोकस्ड रेडिएशन इतना सटीक और तेज होता है कि यह सिर्फ 1-5 सेशन में ही हाई डोज को सब-मिलीमीटर सटीकता के साथ पहुंचा सकता है। एक ऐसी प्रक्रिया जो कैंसर सेल्स से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम को भी खास तरीके से एक्टिवेट करती है। साथ ही, दुनिया भर में मिल रहे सबूत बताते हैं कि SRS/SABR से स्टेज 4 कैंसर के कुछ खास मामलों का भी इलाज किया जा सकता है, जिनमें ब्रेस्ट, फेफड़े, किडनी और मेलेनोमा से जुड़े मामले शामिल हैं।

ऑनलाइन अडैप्टिव रेडियोथेरेपी ने बदला तरीका


एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑनलाइन अडैप्टिव रेडियोथेरेपी (oART) इन तकनीकों में एक अहम नई खोज है, जिसने कैंसर के सटीक इलाज के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। पारंपरिक रेडियोथेरेपी में, मरीज के शरीर का CT स्कैन एक बार (शुरुआत में) किया जाता है, और कई दिनों या हफ्तों तक चलने वाले पूरे इलाज का प्लान उसी एक स्कैन पर आधारित होता है। इसके उलट, ऑनलाइन अडैप्टिव रेडियोथेरेपी में, रेडिएशन देने से ठीक पहले मरीज की असल शारीरिक स्थिति के हिसाब से इलाज के प्लान में रोज बदलाव (अडैप्टेशन) किया जाता है।

इसका नतीजा यह है कि इलाज में बहुत ज्यादा सटीकता और सुरक्षा मिलती है, जिससे ट्यूमर को पूरी तरह से कवर किया जा सकता है और आस-पास के जरूरी अंगों को सुरक्षित रखा जा सकता है। हालांकि, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से डॉक्टर इलाज की प्लानिंग, कंटूरिंग और क्वालिटी एश्योरेंस जैसे काम तेजी से सही-सही और हर मरीज की जरूरतों के हिसाब से कर सकते हैं। इसके अलावा, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स और प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी में हुई तरक्की का मतलब है कि इलाज के बारे में फैसले अब सिर्फ मरीज की आम हालत के आधार पर ही नहीं, बल्कि ट्यूमर की बायोलॉजी के आधार पर भी लिए जा सकते हैं, जिससे इलाज ज्यादा सटीक होता है और बेहतर नतीजे मिलते हैं।

कैंसर से लड़ने के लिए जागरूकता जरूरी

कैंसर से लड़ने के लिए आम लोगों में ज्यादा जागरूकता लाना, समय पर स्क्रीनिंग और शुरुआती दौर में बीमारी का पता लगाने को बढ़ावा देना, अच्छी क्वालिटी की कैंसर केयर तक समान पहुंच सुनिश्चित करना और मल्टी-डिसिप्लिनरी (कई तरह के विशेषज्ञों वाली) अप्रोच अपनाना भी जरूरी है। हेल्थकेयर सुविधाओं और कुशल ऑन्कोलॉजी प्रोफेशनल्स में निवेश करने से ये नए तरीके ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सकेंगे।

कैंसर केयर का भविष्य लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और मरीज की देखभाल पर केंद्रित, प्यार-भरे और सबूतों पर आधारित इलाज के बीच संतुलन बनाने में ही है। एडवांस्ड रेडिएशन तकनीक, प्रिसिजन मेडिसिन और एक मजबूत प्रिवेंटिव हेल्थकेयर प्रोग्राम के बीच तालमेल बिठाकर, हम कैंसर मरीजों के बचने की दर (सर्वाइवल रेट) को बेहतर बना सकते हैं। साथ ही उनकी क्वालिटी ऑफ लाइफ को भी बनाए रख सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सुझाव केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर विशेषज्ञों की राय अवश्य लें।)

Updated on:
27 Sept 2026 08:16 pm
Published on:
27 Sept 2026 08:16 pm