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एशियन गेम्स 2026: अनाहत सिंह ने स्क्वैश में रचा इतिहास, भारत की पहली विमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडलिस्ट बनीं

एशियन गेम्स में भारत की स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। इस जीत के साथ जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत, भारत की पहली विमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडलिस्ट बन गई हैं।
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भारत

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Vinay Shakya

•

Sep 27, 2026

indian player anahat singh won silver medal in squash

indian player anahat singh won silver medal in squash

आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत की युवा स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह ने विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। इस जीत के साथ जूनियर वर्ल्ड चैंपियन 18 वर्षीय अनाहत, एशियन गेम्स की विमेंस सिंगल्स स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। यह उनका दूसरा एशियन गेम्स है। साल 2023 में हांगझोऊ में हुए पिछले संस्करण में वे मिक्स्ड डबल्स (अभय सिंह के साथ) और विमेंस टीम स्पर्धा में दो ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।

फाइनल में मलेशिया की डिफेंडिंग चैंपियन से हार

नागोया के किंजो फुतो एरिना में अनाहत का मुकाबला मलेशिया की सिवासंगरी सुब्रमण्यम से था, जो मौजूदा विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर हैं और 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स की डिफेंडिंग गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं। अनाहत को अपनी कहीं ज्यादा अनुभवी प्रतिद्वंद्वी के शानदार खेल का मुकाबला करने में मुश्किल हुई और उन्होंने पहला गेम 4-11 से गंवा दिया।

इसके बाद सिवासंगरी ने अपने मजबूत अटैक-डिफेंस से अगले गेम पर भी दबदबा बनाए रखा, जिसे अनाहत 4-11 से हार गईं, जबकि तीसरा गेम 11-7 से जीत सिवासंगरी ने खिताब पर कब्जा जमाया। गौरतलब है कि इस हार के साथ अनाहत ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने का पहला मौका भी चूक गईं, क्योंकि स्क्वैश के 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पहली बार शामिल होने के चलते सिंगल्स इवेंट की विजेता को सीधा कोटा मिलना तय था।

सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर 6 पर शानदार वापसी

फाइनल में पहुंचने से पहले अनाहत ने सेमीफाइनल में जापान की वर्ल्ड नंबर 6 सतोमी वातानाबे को दो गेम से पिछड़ने के बाद 3-2 से हराकर एशियन गेम्स के विमेंस सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया था। वातानाबे और सिवासंगरी दोनों ही अनाहत के लिए पुराने प्रतिद्वंद्वी रहे हैं, जिनसे वे इस साल पीएसए टूर पर पहले भी भिड़ चुकी थीं।

अभय सिंह को भी सिल्वर से करना पड़ा संतोष

अनाहत से पहले भारत के अभय सिंह भी मेंस सिंगल्स फाइनल में सिल्वर मेडल तक ही सीमित रह गए थे। मलेशिया के मौजूदा चैंपियन ईन यो एनजी ने शानदार खेल दिखाते हुए उन्हें 11-9, 11-5, 11-5 से मात दी। एनजी ने 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स के फाइनल में भी भारत के सौरव घोषाल को 9-11, 11-9, 11-5, 11-7 से हराकर गोल्ड जीता था, यानी वे लगातार दूसरी बार भारतीय खिलाड़ी को फाइनल में हराकर अपना खिताब बचाने में कामयाब रहे। इस हार के साथ अभय भी एलए 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने से चूक गए। अभय, घोषाल के बाद इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने।

भारत के लिए स्क्वैश में दिन का दूसरा पदक

रविवार को यह स्क्वैश में भारत का दूसरा पदक रहा। दोनों ही फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों का सामना मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों से हुआ, जो इस बार एशिया की सबसे मजबूत स्क्वैश टीमों में शुमार रही। हालांकि गोल्ड न जीत पाने से भारत को सीधा ओलंपिक कोटा नहीं मिल सका, लेकिन दोनों सिल्वर मेडल भारतीय स्क्वैश के लिए बड़ी उपलब्धि हैं। खासकर अनाहत सिंह के लिए, जो इसी साल जुलाई में मिस्र की रुकैया सलेम को हराकर वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनी थीं और इस जीत के साथ मिस्र के 15 साल के दबदबे को खत्म किया था। स्क्वैश 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पहली बार शामिल हो रहा है, ऐसे में आने वाले महीनों में क्वालिफिकेशन रैंकिंग और अन्य टूर्नामेंट भारतीय स्क्वैश खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम होंगे।

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