
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
भारत और चीन को लेकर नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बड़ा बयान दिया है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में शिशिर खनाल ने कहा कि नेपाल भारत और चीन के बीच अपनी भौगोलिक स्थिति को आर्थिक फायदे में बदलना चाहता है। उन्होंने कहा कि एशिया के बढ़ते प्रभाव की इस सदी में नेपाल के सामने असली सवाल यह नहीं कि वह दोनों बड़े पड़ोसियों के बीच कैसे संतुलन बनाए रखे? नेपाल के जरूरी है कि अपनी भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर आर्थिक अवसर कैसे पैदा करे और दुनिया के दूसरे बाजारों तक कैसे पहुंचे?
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा- हम अपने उत्तर और दक्षिण के रास्तों को एक-दूसरे के मुकाबले में नहीं देखते। हम नेपाल को जमीन के रास्ते दुनिया के दो सबसे बड़े बाजारों से जुड़ा हुआ देखते हैं, जहां करीब 3 अरब लोग रहते हैं। भारत के साथ व्यापार और खुली सीमा नेपाली विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक- इस रणनीति में भारत की भूमिका बेहद अहम है। नेपाल की भारत के 5 राज्यों- उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ 1,700 किलोमीटर से ज्यादा लंबी खुली सीमा है। उन्होंने बताया कि नेपाल के कुल व्यापार का करीब दो-तिहाई हिस्सा भारत के साथ होता है।
शिशिर खनाल ने पनबिजली को नेपाल की आर्थिक वृद्धि का सबसे बड़ा जरिया बताया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य भारत के सा।थ बिजली निर्यात बढ़ाना और उसके जरिए बांग्लादेश तक पहुंचाना है। बता दें कि नेपाल को वित्त वर्ष 2025-26 में बिजली निर्यात से 29.32 अरब नेपाली रुपये की रिकॉर्ड कमाई हुई, जो पिछले साल से करीब 68 फीसदी ज्यादा है।
चीन को लेकर विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि नेपाल हिमालय के पार बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने पर काम कर रहा है। भविष्य में रेल कनेक्टिविटी की भी योजना है। उन्होंने चीन को भारत के बाद नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में शामिल बताया। यह भी सही है कि निवेश के मामले में चीन कई वर्षों से आगे रहा है। हालांकि संचित एफडीआई भंडार के लिहाज से भारत अब भी शीर्ष पर है।
सीमा से जुड़े मतभेदों और नई दिल्ली-बीजिंग के साथ एक साथ संबंध संभालने के सवाल पर शिशिर खनाल ने कहा- हमारी सरकार, फिलहाल व्यावहारिक सहयोग पर ध्यान दे रही है। नेपाल सरकार उन क्षेत्रों पर आगे बढ़ना चाहती है, जहां साझा प्रगति संभव है।
भारत के साथ ऊर्जा व्यापार को शिशिर खनाल ने सकारात्मक उदाहरण बताया। खनाल ने भारत के साथ नई नेपाली सरकार के रिश्तों को 'बेहतरीन' बताया।
दरअसल 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में ही संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर खनाल की भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से द्विपक्षीय मुलाकात हुई, जिसमें खनाल ने नेपाल में हाल की विनाशकारी बाढ़ के दौरान भारत सरकार और जनता के समर्थन के लिए आभार जताया। इस दौरान दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। भारत-नेपाल के बीच सिर्फ सरकारी स्तर पर ही नहीं, बल्कि गहरे सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्ते भी हैं। नेपाल, समुद्री बंदरगाहों तक पहुंचने के लिए भी बड़े पैमाने पर भारत से गुजरने वाले रास्तों पर निर्भर है।
Updated on:
27 Sept 2026 04:25 pm
Published on:
27 Sept 2026 04:25 pm
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