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चैट जीपीटी से मदद लेना पड़ गया भारी, चली गई CEO की नौकरी: जानिए क्या है पूरा मामला?

आधुनिक युग में AI ने लोगों के काम को आसान बनाया है, लेकिन इसके नुकसान भी हैं। AI की मदद लेना एक महिला अधिकारी को भारी पड़ गया और उसकी नौकरी चली गई। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और AI की कौन सी गलती से यह घटना हुई?
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भारत

•

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Vinay Shakya

•

Sep 26, 2026

CEO of Family First Credit Union lost her job due to an AI error

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)


चैट जीपीटी (ChatGPT)की मदद लेना एक क्रेडिट यूनियन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को भारी पड़ गया। विवाद इतना बढ़ा कि उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। दरअसल, मिशिगन (अमेरिकी राज्य) में क्रेडिट यूनियन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन स्मिथ ने अपने परिवार की एक तस्वीर को AI की मदद से इस तरह बदला कि सभी के स्वेटशर्ट पर ‘लेक अमरीका’ लिखा नजर आ रहा था। यह पोस्ट कनाडा में तेजी से वायरल हुआ और इसे लेकर लोग खासा नाराज हो गए।

क्या है पूरा मामला?

स्मिथ उस समय मिशिगन स्थित फैमिली फर्स्ट क्रेडिट यूनियन की CEO थीं। क्रेडिट यूनियन ने बुधवार को एक बयान में कहा कि स्मिथ अब संस्थान की कर्मचारी नहीं हैं और मुख्य परिचालन अधिकारी जेसन अकोस्टा को अंतरिम सीईओ बनाया गया है। संस्था ने इस घटनाक्रम से अपने सदस्यों और समुदाय को हुई निराशा और परेशानी के लिए माफी भी मांगी। विवाद उस तस्वीर को लेकर शुरू हुआ, जिसे स्मिथ ने 11 सितंबर को फेसबुक पर साझा किया था। तस्वीर में स्मिथ और उनके परिवार के सदस्य ऐसे स्वेटशर्ट पहने दिखाई दे रहे थे, जिन पर ‘लेक अमरीका’ लिखा था। यह नाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आदेश से जुड़ा है, जिसके तहत अमेरिकी संघीय एजेंसियों को लेक ओंटारियो के लिए ‘लेक अमरीका’ नाम इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।

स्मिथ ने बाद में बताया कि तस्वीर असली स्वेटशर्ट की नहीं थी। उन्होंने और उनके परिवार ने डेट्रॉयट एयरपोर्ट पर तस्वीर खिंचवाई थी और फिर चैटजीपीटी की मदद से तस्वीर में स्वेटशर्ट जोड़ी गई थी। उनके अनुसार, परिवार कनाडा के हैलिफैक्स जा रहा था और यात्रा के दौरान लेक ओंटारियो के नाम बदलने के मुद्दे पर बातचीत हुई थी। स्मिथ ने स्थानीय TV स्टेशन WJRT से कहा कि परिवार का उद्देश्य कोई राजनीतिक बयान देना नहीं था, बल्कि वे लेक के नाम बदलने की स्थिति का मजाक कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार ने कभी वास्तव में वे स्वेटशर्ट पहनी ही नहीं थीं।

सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने से बढ़ा विवाद

यह विवाद तब बढ़ गया, जब तस्वीर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से फैल गई। रिपोर्ट के अनुसार, तस्वीर के साथ लिखा गया था, “लाइक अवर स्वेटशर्ट्स? नॉट श्योर कनाडा विल” इसके बाद कनाडा में कई लोगों ने इसे अपमानजनक बताया। खासतौर पर इस बात को लेकर नाराजगी जताई गई कि तस्वीर 11 सितंबर को साझा की गई थी और परिवार हैलिफैक्स की यात्रा पर था। हैलिफैक्स का 11 सितंबर की घटनाओं से विशेष संबंध है। साल 2001 में अमेरिका में आतंकवादी हमलों के बाद अमेरिकी हवाई क्षेत्र बंद किए जाने पर हजारों यात्रियों को कनाडा के अटलांटिक क्षेत्र में शरण और मदद मिली थी।

इसी वजह से कुछ लोगों ने तस्वीर के समय और स्थान को लेकर भी आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने के बाद स्मिथ ने माफी मांगी। उन्होंने कहा, "पोस्ट करना गलत फैसला था और वह समझती हैं कि हैलिफैक्स में रहने वाले लोगों को यह तस्वीर क्यों आपत्तिजनक लग सकती है। उनका किसी को अपमानित या चोट पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैमिली फर्स्ट क्रेडिट यूनियन ने भी इसे उनका निजी मामला बताया था। बाद में संस्था ने कहा कि पोस्ट अस्वीकार्य था और वह कनाडाई पड़ोसियों के सम्मान का समर्थन करती है। हालांकि संस्था के बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि स्मिथ ने इस्तीफा दिया या उन्हें पद से हटाया गया।

AI के इस्तेमाल पर नई बहस शुरू

इस मामले में AI के इस्तेमाल ने भी एक अलग बहस को जन्म दिया है। स्मिथ ने खुद कहा कि एआई ऐसी तस्वीर बना सकता है जिससे लोगों को कोई घटना वास्तविक होने का भ्रम हो सकता है, जबकि वास्तव में ऐसा हुआ ही नहीं था। इस मामले में तस्वीर में दिखाई दे रहे स्वेटशर्ट वास्तविक नहीं थे, लेकिन सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद तस्वीर को लेकर वास्तविक विवाद खड़ा हो गया।