
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। शनिवार को टोकाई सिटिजन जिम्नेजियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में कप्तान सुनील कुमार की अगुवाई में भारतीय टीम ने ईरान को 40-34 से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता है। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स कबड्डी इतिहास में अपना नौवां महाद्वीपीय खिताब हासिल कर लिया है।
फाइनल मुकाबले की शुरुआत के साथ ही भारत और ईरान के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। शुरुआती 8 मिनटों में स्कोर 5-5 से बराबर रहा। इसके बाद भारतीय टीम ने कुछ हद तक अपनी पकड़ बनाई और 10-8 की बढ़त हासिल की। इस दौरान राहुल को ग्रीन कार्ड भी दिया गया। अर्जुन देशवाल की एक के बाद एक शानदार रेड के चलते भारतीय टीम अपनी बढ़त को 12-9 तक ले गई, लेकिन ईरान के अनुभवी डिफेंडर फजल अत्राचली की अगुवाई वाली डिफेंस यूनिट ने वापसी करते हुए भारत को ऑलआउट किया और 14-13 की बढ़त बना ली। हाफ टाइम तक ईरान अपनी इस बढ़त को 18-17 पर बरकरार रखने में सफल रहा।
दूसरे हाफ में भी मुकाबला बेहद कड़ा रहा। ईरान के मजबूत डिफेंस को भेदने के लिए भारतीय रेडर्स को खासी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि इसके बाद भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए ईरान को बैकफुट पर धकेला और 34-27 की अहम बढ़त बना ली। इस दौरान डिफेंस में सुमित का प्रदर्शन बेहद प्रभावी रहा, जबकि रेड में अर्जुन देशवाल लगातार अंक जुटाते रहे। अंतिम दो मिनट में भारत के पास सात अंकों की बढ़त थी, जो मैच को अपने पक्ष में करने के लिए पर्याप्त साबित हुई। राहुल ने मैच के अंतिम पलों में शानदार टैकल कर भारत की बढ़त को और मजबूत किया। आखिरी मिनटों में स्कोर बराबर करने के प्रयास में ईरान से कई गलतियां हुईं, जिसका फायदा उठाते हुए भारत ने मुकाबला 40-34 से अपने नाम कर लिया।
भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। ग्रुप चरण में भारत ने जापान, दक्षिण कोरिया समेत सभी टीमों को हराकर ग्रुप-ए में शीर्ष स्थान हासिल किया था। इसके बाद सेमीफाइनल में थाईलैंड को 66-28 के बड़े अंतर से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इस जीत के साथ टीम का पूरा अभियान अजेय रहा। पूर्व कप्तान और स्टार रेडर पवन सेहरावत, जिन्होंने 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में भारत को खिताब दिलाया था। इस बार उद्घाटन समारोह में भारत के ध्वजवाहक रहे और कप्तानी की जिम्मेदारी सुनील कुमार को सौंपी गई थी।
यह भारत का लगातार दूसरा एशियन गेम्स स्वर्ण है । इससे पहले 2022 हांगझोऊ एशियन गेम्स के फाइनल में भी भारत ने ईरान को ही हराकर खिताब जीता था। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम 1990 से लगातार हर एशियन गेम्स में हिस्सा ले रही है और 2018 के जकार्ता संस्करण को छोड़कर बाकी सभी आयोजनों में स्वर्ण पदक जीत चुकी है, जब ईरान ने पहली बार भारत को हराकर खिताब जीता था। इससे पहले, भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उसी दिन सुबह खेले गए फाइनल में देश की बेटियों ने कड़े मुकाबले में ईरान को 37-34 से मात दी।
यह भारतीय महिला टीम का लगातार दूसरा और कुल चौथा एशियन गेम्स स्वर्ण है। महिला वर्ग में कबड्डी 2010 से एशियन गेम्स का हिस्सा है, और तब से भारत ने 5 में से 4 खिताब जीते हैं। 2018 में ईरान ने ही भारत को हराकर पहली बार यह खिताब जीता था। इस मुकाबले में पूजा के शानदार प्रदर्शन ने भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस तरह 26 सितंबर का दिन भारतीय कबड्डी के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ, जब एक ही दिन में पुरुष और महिला दोनों टीमों ने ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीता और एशियन गेम्स 2026 में देश की कबड्डी विरासत को और मजबूत किया।
Updated on:
26 Sept 2026 05:32 pm
Published on:
26 Sept 2026 05:32 pm
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