
DigiLocker: अब आम नागरिकों के लिए एक आसान और सुरक्षित विकल्प बन चुका है। चाहे आप छात्र हों, नौकरीपेशा हों या वरिष्ठ नागरिक, DigiLocker आपके महत्वपूर्ण दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने और साझा करने का विश्वसनीय माध्यम है। जानिए इसे कैसे करते हैं यूज, कैसे करें इनका सही इस्तेमाल और क्या सावधानियां बरतना जरूरी हैं?
DigiLocker भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की एक प्रमुख पहल है, जो Digital India कार्यक्रम के तहत शुरू की गई थी। यह एक सुरक्षित क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म है, जहां आप अपने सरकारी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में संग्रहित, एक्सेस और शेयर कर सकते हैं। DigiLocker में उपलब्ध दस्तावेजों को सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2016 (Rule 9A) के तहत भौतिक दस्तावेजों के बराबर कानूनी मान्यता प्राप्त है। इसका अर्थ है कि DigiLocker से प्राप्त दस्तावेजों को सरकारी और निजी संस्थानों में वैध रूप में स्वीकार किया जाता है।
31 जुलाई 2026 तक DigiLocker पर 5,437 प्रकार की सेवाएं और दस्तावेज उपलब्ध हैं, जिनमें केंद्र और राज्य सरकारों के दस्तावेज शामिल हैं। इसी अवधि में DigiLocker के 72.43 करोड़ पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और पिछले तीन वर्षों में लगभग 72.86 करोड़ दस्तावेज एक्सेस किए गए हैं। यह दर्शाता है कि DigiLocker अब व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है और दस्तावेज प्रबंधन का एक भरोसेमंद माध्यम बन चुका है।
सबसे पहले, DigiLocker की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाएं और अपना खाता बनाएं। इसके लिए आपके पास मोबाइल नंबर या आधार नंबर होना चाहिए और OTP व 6-अंकीय सुरक्षा PIN सेट करना होगा।
Issued Documents प्राप्त करने के लिए “Browse Documents” या “Issued Documents” सेक्शन में जाएं, अपना बोर्ड या विभाग चुनें (जैसे CBSE, राज्य बोर्ड, MoRTH आदि), आवश्यक जानकारी (जैसे रोल नंबर, वर्ष) भरें और दस्तावेज स्क्रीन पर देखें या PDF में डाउनलोड करें।
उदाहरण के लिए, CBSE छात्रों को SMS के माध्यम से मोबाइल नंबर पर लॉगिन निर्देश मिलते हैं, फिर वे DigiLocker में जाकर अपनी 10वीं/12वीं की मार्कशीट, पासिंग सर्टिफिकेट या माइग्रेशन सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं। इसी तरह, आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) आदि दस्तावेज भी DigiLocker में उपलब्ध होते हैं, बशर्ते आपका आधार लिंक हो और नाम/तिथि मेल खाते हों।
आप DigiLocker में उपलब्ध दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से शेयर भी कर सकते हैं। यह केवल आपकी सहमति से होता है और दस्तावेज सीधे जारीकर्ता से सत्यापित होते हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र को QR कोड या डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से तुरंत सत्यापित किया जा सकता है। यह सुविधा पुलिस या अन्य अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की त्वरित जांच में सहायक है।
DigiLocker ने दस्तावेज प्रबंधन को सरल, तेज और किफायती बना दिया है। इससे कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता कम हुई है, धोखाधड़ी की संभावना घटी है और सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी व त्वरित हुई हैं।
आने वाले समय में और अधिक राज्य व निजी संस्थान DigiLocker से जुड़ रहे हैं, इससे इसकी उपयोगिता और बढ़ेगी। साथ ही, डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए भी सरकार कदम उठा रही है, इससे ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में भी DigiLocker की पहुंच बढ़ेगी।
DigiLocker आपके दस्तावेजों की डिजिटल तिजोरी है। जहां आप उन्हें सुरक्षित रख सकते हैं, शेयर कर सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपयोग कर सकते हैं। इसे सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए आधार और मोबाइल लिंकिंग, सही जानकारी भरना और Issued Documents का ही उपयोग करना आवश्यक है। यदि आप कॉलेज प्रवेश, सरकारी नौकरी, बैंकिंग या यात्रा से जुड़ी प्रक्रिया में हैं, तो DigiLocker आपके लिए एक भरोसेमंद साथी है। तो बैठे क्यों हैं, अभी अपना DigiLocker खाता बनाएं, दस्तावेज सुरक्षित रखें और डिजिटल सुविधा का पूरा लाभ उठाएं।