
Super food Atta: भारतीय थाली में रोटी सिर्फ़ पेट भरने का ज़रिया नहीं, बल्कि हमारी दैनिक ऊर्जा का सबसे अहम स्रोत है। सदियों से हमारे घरों में गेहूं के आटे की रोटियां बनती आ रही हैं, लेकिन आधुनिक जीवनशैली और डायबिटीज़ व मोटापे जैसी बढ़ती समस्याओं के बीच अब यह सवाल उठना लाज़िमी है कि क्या सिर्फ़ गेहूं की रोटी ही सबसे बेहतर विकल्प है? पोषण विशेषज्ञों और हालिया वैज्ञानिक अध्ययनों की मानें तो पारंपरिक मिलेट्स (मोटे अनाज) और लेग्यूम्स (दालों) से बने आटे पोषण के मामले में सामान्य गेहूं से कहीं आगे हैं।
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए शोध बताते हैं कि बाजरा, ज्वार, रागी (फिंगर मिलेट) और राजगिरा (चौलाई) जैसे आटों में गेहूं के मुक़ाबले घुलनशील फ़ाइबर, प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम की मात्रा कहीं अधिक होती है। रागी में जहां प्राकृतिक कैल्शियम और आवश्यक अमीनो एसिड्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, वहीं बाजरा और ज्वार आंतों के स्वास्थ्य (गट हेल्थ) को दुरुस्त रखने में मददगार साबित होते हैं।
मद्रास डायबिटीज़ रिसर्च फ़ाउंडेशन (MDRF) के एक क्लिनिकल अध्ययन के अनुसार, जब सामान्य गेहूं के आटे में चने का आटा (बेसन), मेथी दाना पाउडर और साइलियम हस्क (इसबगोल) मिलाकर 'आटा मिक्स' तैयार किया गया, तो उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) गिरकर महज़ 27.3 रह गया, जबकि सामान्य गेहूं की रोटी का GI 45.1 दर्ज किया गया था। इसी प्रकार, ब्रिटिश जर्नल ऑफ़ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अन्य शोध में सामने आया कि फ़ाइबर व दालों के मिश्रण वाले आटे से बनी रोटियों ने पोस्ट-प्रैंडियल ग्लूकोज़ (भोजन के बाद रक्त शर्करा के स्तर) को लगभग 30% तक कम कर दिया।
| आटे का प्रकार | प्रमुख पोषक घटक एवं स्वास्थ्य लाभ | ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) स्तर |
|---|---|---|
| होल व्हीट (साबुत गेहूं) | कार्बोहाइड्रेट, मध्यम फ़ाइबर, बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन्स | मध्यम (लगभग 45-55) |
| बाजरा एवं ज्वार | उच्च आहारीय फ़ाइबर, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स | मध्यम से कम |
| रागी (मडुआ) | प्राकृतिक कैल्शियम, आयरन, अमीनो एसिड्स | मध्यम |
| आटा मिक्स (मिलेट्स + लेग्यूम्स) | उच्च प्रोटीन, घुलनशील फ़ाइबर, सुस्त पाचन | सबसे कम (लगभग 27-30) |
मिश्रण का सही अनुपात: यदि आप अचानक पूरी तरह से मिलेट्स नहीं अपना पा रहे हैं, तो 70% गेहूं के आटे में 30% चना, ज्वार या बाजरे का आटा मिलाकर शुरुआत करें।
मौसम और क्षेत्र के अनुसार चयन: सर्दियों में बाजरा और मक्के का आटा शरीर को गर्माहट देता है, जबकि गर्मियों में ज्वार और सत्तू का आटा पेट को ठंडक प्रदान करता है।
ब्लड शुगर नियंत्रण: डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए चने और मेथी का मिश्रण रक्त में शुगर के अचानक उछाल को रोकने में बेहद असरदार है।
आहार विशेषज्ञों का कहना है कि बाज़ार में उपलब्ध पैकेज्ड 'मल्टीग्रेन' आटों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। कई बार उनमें 85-90% सामान्य गेहूं या मैदा ही होता है और मिलेट्स की मात्रा नाममात्र होती है। पैकेट के पीछे सामग्री (Ingredients List) ज़रूर पढ़ें। साथ ही, चूंकि मिलेट्स में फ़ाइबर अधिक होता है, इसलिए पानी का पर्याप्त सेवन करें ताकि पाचन तंत्र पर अतिरिक्त भार न पड़े।