29 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चिप्स को कहें अलविदा! फास्ट, हेल्दी और पौष्टिक खाना है, तो ये 7 स्नैक्स हैं बेस्ट ऑप्शन, जरूर करें ट्राई

Healthy Energetic Snacks: आज की भागदौड़ वाली लाइफस्टाइल के बीच अक्सर भूख लगते ही आप भी चिप्स, कुरकुरे जैसे स्नैक्स खाकर काम चला लेते हैं! तो जरा सोचिए इन पैकेट बंद चीजों के बजाय अगर आपको कुछ हेल्दी, पौष्टिक औ फास्ट स्मार्ट फूड मिल जाए तो कैसा रहेगा? ये स्नैक्स दिनभर रखेंगे एनर्जेटिक और तरोताजा भी।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Sanjana Kumar

Aug 29, 2026

Healthy Energetic Snacks

Healthy Energetic Snacks: AI Creative

Healthy Energetic Snacks: दिनभर काम और घर की जिम्मेदारियों के बीच अक्सर भूख सी लगते ही हर कोई फास्ट और अनहेल्दी स्नैक्स चुन लेते हैं। इस भूख को शांत करने के लिए कोई चिप्स, बिस्किट खाना पसंद करता है तो, कोई नमकीन। लेकिन ये ऐसे स्नैक्स हैं जो आपको तुरंत एनर्जी देते हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद ही आपको फिर से भूख लगने का अहसास करा देते हैं।

ऐसे में कुछ स्मार्ट स्नैक्स, जो जल्दी तैयार हो जाएं, पोषण से भरपूर हों और एनर्जेटिक भी। खासतौर पर जो पेरेंट्स कामकाजी हैं, तो यह स्नैक्स उनके और उनके परिवार के लिए वरदान साबित हो सकते हैं ये भारत के स्वादिष्ट स्नैक्स।

स्नैक्स का सही चुनाव क्यों जरूरी है

अमेरिकी क्लीनिक (Cleveland Clinic) की पोषण विशेषज्ञ बेथ स्जरवोनी बताती हैं कि प्रोटीन युक्त स्नैक्स, जैसे उबला अंडा, ग्रीक योगर्ट, पनीर-लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं, जबकि केवल कार्बोहाइड्रेट वाले स्नैक्स (जैसे बैगल) रक्त शर्करा को तेजी से बढ़ाकर फिर गिरा देते हैं, जिससे ऊर्जा में गिरावट आती है।

इसी तरह, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की सलाह है, सेब के स्लाइस के साथ मूंगफली का मक्खन, गाजर-खीरे जैसी कच्ची सब्जियों के साथ हुमस, पॉपकॉर्न, भुने चने, ये क्रंची और सेटेस्फेक्शन देने वाले स्नैक्स हैं।

भारतीय संदर्भ में स्मार्ट स्नैक्स

स्वास्थ्य मंत्रालय की Eat Right India पहल के तहत दी गई सलाह में कामकाजी लोगों के लिए कई त्वरित और पौष्टिक स्नैक्स सुझाए गए हैं। ताजा फल या सब्जियां, बिना चीनी वाले फ्रूट स्मूदी, मूंगफली/बीज/नट्स (भुने और बिना नमक के), भुने चने, पॉपकॉर्न, ढोकला, खांडवी, उबला अंडा, ग्रिल्ड पनीर या चिकन टिक्का। एक अन्य जानकारी, Seht.in से पता चलता है कि शाम 4 बजे की भूख अक्सर गलत स्नैक्स की वजह बनती है।

इसके बजाय 30 ग्राम मिश्रित नट्स (बादाम, अखरोट, काजू) लगभग 6-8 ग्राम प्रोटीन और ओमेगा-3 फैट्स देते हैं। केला या अमरूद फाइबर और प्राकृतिक चीनी का अच्छा स्रोत हैं। उबले अंडे पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं। भुना मखाना कम कैलोरी, फाइबर और संतोषजनक क्रंच देता है। वहीं 70% से अधिक कोको वाली डार्क चॉकलेट के साथ नट्स का संयोजन एंटीऑक्सीडेंट और मैग्नीशियम देता है, जो बाद में बिंजिंग से बचाता है।

स्मार्ट स्नैक्स के विकल्प और तैयारी

स्नैकतैयारी समयपोषण लाभ
मिश्रित नट्स (30g)तैयारप्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर
केला/अमरूदतैयारफाइबर, प्राकृतिक चीनी, पोर्टेबल
उबला अंडा (2–3)रविवार को उबालकर रखेंप्रोटीन, पेट भरा रखना
भुना मखानातैयारकम कैलोरी, फाइबर, क्रंच
फल + दही/हुमस2–3 मिनटप्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर
ढोकला/खांडवी10–15 मिनटस्टीम्ड, कम तेल, फाइबर

ये विकल्प न केवल जल्दी तैयार हो जाते हैं, बल्कि कामकाजी माता-पिता इसे अपने बैग में आसानी से रख सकते हैं। वहीं यह बच्चों के लिए भी उपयुक्त आहार का काम करते हैं।

कैसे बनाए रखें यह आदत

अमेरिकी क्लीनिक की एक्सपर्ट्स के मुताबिक स्नैक्स को पहले से पैक कर लेना, जैसे सब्जियां काटकर रखना, दही या हुमस छोटे कंटेनरों में भरकर रखना। सुबह उठकर बस बैग में डालना आसान हो जाता है।

सेहत से भरी कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि अगर आप रविवार को सिर्फ डेढ़ घंटा (90 मिनट) निकालकर पूरे हफ्ते का खाना पहले से थोड़ा प्लान या तैयार कर लें (जैसे सब्जियां काटकर रखना, स्नैक्स पैक करना, कुछ चीजें पका कर रखना), तो पूरे हफ्ते बार-बार यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ती कि "आज क्या खाऊं" या "अभी भूख लगी है तो क्या खाऊं"।

इससे रोज-रोज खाने को लेकर दिमाग पर जो बोझ पड़ता है (जिसे "डिसीजन फैटीग" यानी निर्णय की थकान कहते हैं), वह कम हो जाता है। क्योंकि खाना पहले से तय और तैयार होता है, तो आप जल्दी में गलत या अनहेल्दी चीज (जैसे चिप्स) उठाने की बजाय हेल्दी ऑप्शन आसानी से चुन पाते हैं।

किन बातों का रखें ध्यान

  • पैकेज्ड स्नैक्स लेते समय लेबल जरूर पढ़ें, अतिरिक्त चीनी और नमक से बचें।
  • स्नैक्स को मुख्य भोजन का विकल्प न बनाएं। वे केवल बीच के समय की भूख को संतुष्ट करने के लिए हों।
  • यदि किसी को विशेष स्वास्थ्य स्थिति है, जैसे डायबिटीज, थायरॉयड, गर्भावस्था, तो स्नैक्स बदलने से पहले डॉक्टर या पंजीकृत डायटिशियन से सलाह लें।

कहना होगा कि कामकाजी माता-पिता के लिए स्मार्ट स्नैक्स सिर्फ भूख मिटाने का जरिया नहीं, बल्कि ऊर्जा बनाए रखने, ध्यान केंद्रित रखने और पूरे दिन सक्रिय रहने का तरीका हैं। थोड़ी तैयारी, सही विकल्प और पोषण की समझ से यह आदत आपके दिन को आसान और स्वस्थ बना सकती है। अगली बार जब भूख लगे, तो कुछ ऐसा चुनें जो तेज, स्वादिष्ट और शरीर को पोषण दे और फिर देखें, दिन कितना बेहतर गुजरता है।