
NEET PG Student Tanvi Courage Story: 30 अगस्त को, एक NEET PG स्टूडेंट ने परीक्षा दी। परीक्षा देने पहुंची इस बेटी के माता-पिता हाल ही में नेपाल में आई बाढ़ के दौरान लापता हो गए। जिंदगी के इस दर्द में भी हौसले की मिसाल पेश करत हुए परीक्षा देने पहुंची इस बेटी का ना है तन्वी। इस दर्दनाक और भावुक पल से गुजर रही तन्वी ने कहा कि उन्होंने यह परीक्षा अपने पिता की इच्छा के लिए दी, जबकि वह लगातार उनके सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रही थी।
तन्वी का कहना है कि उनके माता-पिता कैलाश यात्रा के दौरान नेपाल में बाढ़ में फंस गए थे। इस घटना के बाद से उनके माता-पिता का कोई पता नहीं चला है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के कारण कई लोग लापता हैं और खोज अभियान जारी है।
तन्वी परीक्षा के दौरान कई बार अपने दर्द को छिपाती दिखी। वह अपने इमोशन्स को नियंत्रित करने की कोशिश करती रही। हालांकि इस दौरान वह लगभग डेढ़ घंटे तक रोती रहीं। तन्वी ने कहा कि, उसने यह परीक्षा अपने सिर्फ अपने पिता के लिए दी है। वह बताती है कि पिता चाहते थे कि वह उस परीक्षा को पास करे। पिता की यह भावना परीक्षा के दौरान तन्वी के मन में गहराई से बसी रही और उसका हौसला बनती रही।
तन्वी के दोस्तों और सहपाठियों ने उनकी स्थिति को समझा और उसका हौसला बढ़ाया। वहीं कई लोगों ने सोशल मीडिया पर तन्वी के हौसले और जज्बे की कहानी शेयर की है। यही नहीं इन लोगों ने तन्वी के पेरेंट्स के नेपाल से सुरक्षित वापस लौटने के लिए प्रार्थना भी की है। कहना होगा कि इस कठिन समय में, समाज तन्वी के साथ खड़ा है और एकजुटता दिखा रहा है। यानी हर कोई तन्वी को मानसिक सहारा देने का प्रयास कर रहा है।
इस सवाल पर तन्वी का कहना है कि, वह अपने माता-पिता की वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ेगी। वह कहती है कि वह अपने माता-पिता का सपना पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करेगी और अपनी पढ़ाई भी जारी रखेगी।
तन्वी का यह जज्बा न केवल तन्वी की व्यक्तिगत कहानी है, बल्कि यह उन सभी स्टूडेंट्स के लिए प्रेरणा भी बन गई है जो कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जीवन में चुनौतियों का सामना करते हुए भी, उम्मीद और साहस बनाए रखना महत्वपूर्ण है। तन्वी की कहानी सिखाती है कठिन समय में भी हमें आगे बढ़ते रहना चाहिए।