
नेपाल में हाल ही में आई प्रलयकारी बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के बाद नदियों में अजीबो-गरीब विकराल साइज और भयंकर दिखने वाली मछलियां बिहार में बिक रही हैं। बाढ़ के पानी के साथ नेपाल से बड़ी और अज्ञात मछलियां बिहार की नदियों (गंडक) में पहुंची हैं। इसको लेकर नेपाल व बिहार के स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन, दोनों ने चेतावनी जारी की है।
गंडक नदी में बाढ़ के तेज बहाव के कारण नेपाल से बड़ी मछलियां बिहार के गंडक तटवर्ती इलाकों में पहुंच रही हैं। गोपालगंज जिले के मछुआरों ने 15 किलो से लेकर 50 किलो तक वजन वाली मछलियां पकड़ी हैं, और कुछ तो इससे भी भारी करीब 100 किलो तक बताई जा रही हैं। कई क्विंटल मछलियां मंगापुर घाट से बरामद कर पश्चिम बंगाल के बाजारों में भेजी जा रही हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश मछलियां पहले ही मृत अवस्था में मिलीं, संभवतः बाढ़ के हिंसक बहाव में उनकी मृत्यु हो चुकी थी। गोपालगंज प्रशासन ने नदी में प्रवेश करने वाले लोगों को चेतावनी दी है और छोटी नावों के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।
बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ आई अज्ञात या असामान्य दिखने वाली मछलियां खाने से बचना चाहिए। विभाग ने बताया कि बाढ़ के दौरान मछलियां गंदे नालों, मृत जानवरों और अन्य दूषित स्रोतों के संपर्क में आ सकती हैं, जिससे उनमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस जैसे रोगजनक तत्व हो सकते हैं। ऐसी मछलियों का सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
विभाग ने इन मछलियों को बाजार में खरीदने या बेचने से भी बचने की सलाह दी गई है। यदि कोई अज्ञात मछली दिखे, तो उसे खाने योग्य न मानें और स्थानीय मत्स्य पदाधिकारी या प्रशासन को इसकी जानकारी दें।
यदि किसी व्यक्ति ने ऐसी मछली खा ली है और उसके बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर, सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करें। यह सलाह भी विभाग ने स्पष्ट रूप से जारी की है।
नेपाल पुलिस ने भी इसको लेकर चेतावनी जारी कर दी है। नेपाल पुलिस की ओर से बाढ़ और संभावित नए जलस्तर वृद्धि को लेकर सतर्कता बनाए रखने की बात कही गई है।
बाढ़ के पानी में बहकर आई मछलियां दूषित जल स्रोतों के संपर्क में आती हैं। ऐसे पानी में जीवाणु (बैक्टीरिया), वायरस और कवक (फंगस) मौजूद हो सकते हैं। इनसे संक्रमित मछलियों का सेवन करने पर खाद्य विषाक्तता, पेट से जुड़ी बीमारियां, उल्टी, दस्त, चक्कर, सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए विभाग ने स्पष्ट रूप से इन मछलियों से दूर रहने की सलाह दी है।
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