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ड्राई स्टेट में जहरीली शराब का कहर: नागालैंड में शराब पीने से 19 लोगों की मौत, 3000 बोतलें जब्त, जांच जारी

नागालैंड के मोकोकचुंग और तुएनसांग जिलों में पिछले 2 दिनों में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से करीब 19 लोगों की मौत हो गई है। घटना के बाद पुलिस ने अवैध शराब के स्रोत और सप्लाई चेन की जांच शुरू कर दी है।
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Sep 26, 2026
Death in Nagaland due to consumption of toxic liquor
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

नागालैंड के मोकोकचुंग और तुएनसांग जिलों में पिछले दो दिनों में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है। इसके बाद पुलिस ने अवैध शराब के स्रोत और सप्लाई चेन की जांच शुरू कर दी है। इस शराब त्रासदी के सिलसिले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 3,000 बोतलें जब्त की गई हैं।

मोकोकचुंग में 19 सितंबर से हो रही लोगों की मौत

मोकोकचुंग पुलिस अधीक्षक के अनुसार, जिले में मौतों की शुरुआत 19 सितंबर को हुई थी, इसके बाद 22, 23 और 24 सितंबर को भी मौतें दर्ज की गईं, जबकि 25 सितंबर को मैंगकोलेम्बा और अलीबा गांव में चार और लोगों की मौत के बाद जिले में हड़कंप मच गया। मैंगकोलेम्बा टाउन काउंसिल के अनुसार, मृतकों में नौवीं NP (नागा आर्म्ड पुलिस) बटालियन के दो जवान भी शामिल थे, जो एक साथ शराब पी रहे थे और रात एक से दो बजे के बीच उनकी मौत हुई।

मैंगकोलेम्बा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और नागालैंड शराब पूर्ण निषेध अधिनियम, 1989 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक इस जिले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और सभी मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। विसरा सैंपल और जब्त शराब को गुवाहाटी स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा जाएगा।

फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए शराब के सैंपल

कोहिमा में पुलिस अधिकारी के अनुसार, मोकोकचुंग जिले में 8 और तुएनसांग जिले में 11 लोगों की मौत हुई है। मौतों की जांच और मिलावटी शराब के स्रोत का पता लगाने के लिए ASP बुंगलांग चांग की अध्यक्षता में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIR) बनाई गई है। अधिकारी ने बताया कि कुछ सुराग मिले हैं, लेकिन अभी जानकारी का खुलासा करना जल्दबाजी होगी। मौतों का कारण पता लगाने के लिए शराब के सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए गुवाहाटी की एक लैब में भेजे गए हैं।

राज्यभर में शराबबंदी के बावजूद हादसा

नागालैंड में करीब 3 दशक से शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन राज्य में शराब का सेवन और अवैध बिक्री अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। पुलिस ने लोगों को बिना पहचान, बिना लेबल या संदिग्ध अवैध शराब न पीने की सलाह दी है और चक्कर आना, धुंधला दिखना, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने को कहा है। मामले की जांच अभी जारी है।

इसी महीने दूसरी बड़ी घटना

यह इस महीने राज्य में सामने आई दूसरी बड़ी शराब त्रासदी है। इससे पहले 10 और 11 सितंबर को तुएनसांग टाउन और चेंडैंग सैडल इलाके में संदिग्ध मिलावटी शराब पीने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल थे। नागालैंड के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) रूपिन शर्मा ने उस समय पुष्टि की थी कि पीड़ितों की मौत संदिग्ध मिलावटी शराब पीने से हुई।

इस घटना के बाद राज्य के आबकारी एवं निषेध विभाग ने 14 सितंबर को राज्यव्यापी रेड अलर्ट और चेतावनी जारी करते हुए लोगों से अनजान या अनधिकृत स्रोतों से शराब न खरीदने की अपील की थी। शुरुआती जांच से पता चला था कि ज्यादातर मामलों में मृतकों ने शराब पीने के बाद धुंधला दिखना, तेज सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना और उल्टी जैसे लक्षण महसूस किए थे। पुलिस अधिकारियों ने तब भी संभावित खतरों को लेकर बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता अभियान चलाने की बात कही थी।

अब तक की स्थिति

महीने भर के भीतर नागालैंड में जहरीली/मिलावटी शराब से मरने वालों की कुल संख्या अब लगभग 28 (9+19) तक पहुंच गई है, जो राज्य में अवैध शराब के नेटवर्क और प्रवर्तन तंत्र की खामियों को उजागर करता है। पुलिस दोनों घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि क्या शराब का स्रोत एक ही सप्लाई चेन से जुड़ा है। फिलहाल एसआईटी की जांच जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के सटीक कारणों और जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सकेगी।

Updated on:
26 Sept 2026 04:57 pm
Published on:
26 Sept 2026 04:57 pm