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ग्रेड-ए शहरों से आगे बढ़ेगा वेयरहाउसिंग सेक्टर: ओडिशा, बंगाल और असम जैसे राज्य बन सकते हैं नए ग्रोथ हब

भारत में वेयरहाउसिंग क्षेत्र की वृद्धि अब केवल बड़े उपभोग केंद्रों और ग्रेड-ए शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले वर्षों में ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्य वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के नए विकास केंद्र बनकर उभर सकते हैं।
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Sep 29, 2026
Growth in warehousing sector
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Gemini)

देश का वेयरहाउसिंग क्षेत्र अब सिर्फ बड़े उपभोग केंद्रों तक सीमित नहीं रहेगा। अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड (APSEZ) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और वेयरहाउसिंग एवं अदाणी एग्री लॉजिस्टिक्स के बिजनेस हेड पंकज कुमार भारद्वाज ने मंगलवार को कहा कि ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम आने वाले वर्षों में नए ग्रोथ हब बन सकते हैं।

भारद्वाज ने क्या दावा किया?

पंकज कुमार भारद्वाज के अनुसार, पूर्वी भारत में वेयरहाउसिंग का विकास अब तक कम हुआ है। इसलिए वहां बड़ी वृद्धि की गुंजाइश है और ये राज्य अतिरिक्त कार्गो वॉल्यूम लाकर पूरे इकोसिस्टम की लागत घटाने में मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि निर्माताओं और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को आकर्षित करने के लिए राज्य नई लॉजिस्टिक्स नीतियां ला रहे हैं।

कंपनी टियार-1, टियर-2 और टियर-3 श्रेणी के शहरों पर भी फोकस कर रही है और ग्राहक की जरूरत के मुताबिक बिल्ड-टू-सूट (BTS) गोदाम बनाने में सक्षम है। इस मॉडल में गोदाम ग्राहक की खास जरूरतों के अनुसार तैयार किए जाते हैं। कंपनी के अनुमान के अनुसार, निर्यात बढ़ाने के सरकारी प्रयासों से अगले 5 से 10 वर्षों में बंदरगाह-आधारित वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ सकती है। कंपनी का ध्यान EXIM, बंदरगाह-आधारित और इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) आधारित विकास पर भी है।

बंदरगाहों का नेटवर्क

पूर्वी तट पर कंपनी की रणनीति में धामरा (ओडिशा) और विझिंजम (केरल) प्रमुख हैं। भारद्वाज के मुताबिक कंपनी को हाल में पारादीप बंदरगाह पर दो बर्थ मिली हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह 30 साल की PPP रियायत के तहत दो ड्राई बल्क बर्थ (CQ-I और CQ-II) का प्रोजेक्ट है, जिससे 18 मिलियन टन क्षमता जुड़ेगी और APSEZ का पोर्टफोलियो 653 से बढ़कर 671 MMT हो जाएगा। कंपनी ने इसे 2030 तक 1 अरब टन कार्गो के लक्ष्य से जोड़ा है।

APSEZ की आधिकारिक वेबसाइट देश भर में 15 बंदरगाहों और टर्मिनलों की बात करती है। पूर्वी क्षेत्र में हल्दिया, धामरा, गोपालपुर और गंगावरम का नाम इसमें शामिल है। कंपनी के 2018 के बयान के अनुसार धामरा हल्दिया और पारादीप के बीच स्थित है और नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार तथा आसियान क्षेत्र के लिए प्रवेश द्वार का काम करता है।

बाजार की मौजूदा स्थिति

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में शीर्ष 8 शहरों में औद्योगिक और वेयरहाउसिंग लीजिंग 12 प्रतिशत बढ़कर करीब 22 मिलियन वर्ग फुट रही। दिल्ली-NCR और चेन्नई ने मिलकर 45 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा लिया। इसी दौरान करीब 25 मिलियन वर्ग फुट नई सप्लाई आई, जो लीजिंग से ज्यादा है। नतीजतन वैकेंसी बढ़कर 17.2 प्रतिशत हो गई।

विशेषज्ञों के अनुसार, राज्यों की लॉजिस्टिक्स नीतियां, बंदरगाहों से जुड़ाव और निर्यात-केंद्रित उत्पादन पूर्वी राज्यों की तस्वीर बदल सकते हैं। पर वहां मांग उतनी ही तेजी से बढ़ेगी या नहीं, यह बुनियादी ढांचे, सड़क-रेल कनेक्टिविटी और उद्योगों की मौजूदगी पर निर्भर करेगा।

Updated on:
29 Sept 2026 07:47 pm
Published on:
29 Sept 2026 07:47 pm