अमित शाह (Amit shah) ने कहा कि "राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल लगातार सीएए का विरोध कर रहे हैं। ऐसे लोग जो राष्ट्रवादी एजेंडे का विरोध कर रहे हैं, उन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए।"
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर एक बार फिर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस जितना भी विरोध कर ले, लेकिन हम लोगों को नागरिकता देकर रहेंगे।" भारत पर जितना अधिकार मेरा और आपका है, उतना ही अधिकार पाकिस्तान से आए हुए शारणार्थियों का भी है।
राहुल, केजरीवाल की भाषा पाकिस्तान से मिलने लगी- शाह
मध्य प्रदेश के जबलपुर में नागरिकता कानून पर रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि "महात्मा गांधी ने भी कहा था कि पाकिस्तान में बसे अल्पसंख्यक अगर भारत आना चाहें तो वे आ सकते हैं। भारत उनका ध्यान रखेगा। सभी नेताओं ने यह बात कही है, लेकिन राहुल गांधी यह मानने को तैयार नहीं हैं।" शाह ने कहा कि "राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल लगातार सीएए का विरोध कर रहे हैं। ऐसे लोग जो राष्ट्रवादी एजेंडे का विरोध कर रहे हैं, उन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए।"
वहीं अमित शाह ने सेना की कार्रवाई पर कांग्रेस और अन्य दलों द्वारा उठाए जाने वाले सवालों पर कहा, "जब एयर स्ट्राइक या सर्जिकल स्ट्राइक होती है तो राहुल गांधी कहते हैं सबूत लाओ, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल भी यही बात कहते हैं। इन सबकी भाषा पाकिस्तान की भाषा से मिलने लगी है।"
कांग्रेस और विपक्षी दल हिंसा फैलाने में जुटे-शाह
देश की आजादी के समय बड़ी संख्या में लोग पाकिस्तान में रह गए थे, उन पर अत्याचार हो रहे हैं, उनकी संख्या लगातार कम हो रही है। यह कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं है, यह तो नागरिकता देने का कानून है। कांग्रेस और अन्य दल देश में भ्रम फैला रहे हैं। दंगे भड़काने का काम कर रहे हैं।
जेएनयू पर शाह ने की ये टिप्पणी
शाह ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को खत्म करने के लिए भाजपा को जनजागरण अभियान चलाना पड़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे घर-घर जाकर धारा 370 को खत्म करने के निर्णय, राममंदिर और सीएए के बारे में लोगों को बताएं, ताकि विपक्षी दल जो भ्रम फैला रहे हैं, वह खत्म हो। दिल्ली के जेएनयू में चल रहे आंदोलन का जिक्र करते हुए शाह ने लोगों से पूछा कि जेएनयू में कुछ लड़कों ने भारत विरोधी नारे लगाए, उन्हें जेल में डालना चाहिए कि नहीं।