
सरकार यूपी-यूके और पंजाब में जल्द करा सकती है चुनाव (Photo-IANS)
Census and Elections India: देश के पांच राज्यों पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। इसी बीच अटकलें लगाई जा रही है कि इन राज्यों में इसी साल यानी 2026 के अंत तक चुनाव हो सकते है। इसको लेकर बीजेपी ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को तैयारी करने का निर्देश भी जारी कर दिया है। वहीं आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। पंजाब में AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने एक रैली में कहा था कि मुझे सूचना मिली है कि विधानसभा चुनाव जल्दी कराए जा सकते हैं।
दरअसल, देश भर में जनगणना का फरवरी में शुरू होगा। विधानसभा चुनाव और जनगणना दोनों ही बड़े काम है। दोनों कामों में एक ही स्टाफ को लगाया जाता है। इसलिए इस टकराव से बचने के लिए इन राज्यों में पहले चुनाव कराए जा सकते हैं।
इन राज्यों में समय से पहले चुनाव कराने का दूसरा पहलू ये भी है कि इससे विपक्ष को अपनी तैयारी करने का कम समय मिलेगा। वहीं बीजेपी बंगाल में मिली जीत के मोमेंटम को बरकरार रखना चाहती है। पार्टी का मानना है कि बंगाल में बीजेपी की जीत में हिंदू ध्रुवीकरण का मुख्य कारण रहा है। पार्टी को उम्मीद है कि यही फैक्टर यूपी, पंजाब और उत्तराखंड में फायदा पहुंचा सकता है।
उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को इस साल के अंत तक कराने के पक्ष में है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राजनीतिक रूप से, हम चुनाव में जाने के इच्छुक हैं, जबकि हाल के पश्चिम बंगाल चुनावों से मिली गति बरकरार है। राज्य इकाइयों को इस गति को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए कहा गया है।
पार्टी ने उत्तराखंड में 17 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम शुरू कर दिए है। वहीं यूपी में करीब 75 और पंजाब में 117 सीटों पर भी इसी तरह के कार्यक्रम किए जा रहे है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक नितिन नवीन ने पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में अपनी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज कर दें।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में बीजेपी की सरकार है। वहीं पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है। दिल्ली में चुनाव हारने के बाद AAP की महज पंजाब में ही सरकार बची है। इसलिए दिल्ली चुनाव हारने के बाद आप ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। बंगाल और बिहार में अपना सीएम बनाने के बाद बीजेपी के हौसले बुलंद है। दरअसल, इन राज्यों में पहले कभी भी बीजेपी का सीएम नहीं बना था। अब बीजेपी की पूरी नजर पंजाब पर है।
जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ फैक्टर से बीजेपी को फायदा हो सकता है। लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में सपा और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था और इसका फायदा भी हुआ था। इस बार भी विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टी साथ चुनाव लड़ सकती है। वहीं बीजेपी एक बार फिर से सत्ता में काबिज होना चाहेगी, तो दूसरी तरफ विपक्षी गठबंधन इस विजयी रथ को रोकना चाहेगा।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बीजेपी का विशेष ध्यान उन 70-75 सीटों पर है, जहां हाल के चुनावों में उसे मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी रणनीतिकारों के लिए यूपी बेहद अहम राज्य माना जाता है, क्योंकि यहां से लोकसभा की 80 सीटें आती हैं। ऐसे में 2029 के आम चुनाव से पहले बीजेपी राज्य में अपना राजनीतिक वर्चस्व बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर रही है।
उत्तराखंड में बीजेपी अपने पारंपरिक वोट बैंक को एकजुट रखने और सत्ता बरकरार रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
पंजाब में फिलहाल आम आदमी पार्टी की सरकार है। प्रदेश में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है। बीजेपी ने ऐलान कर दिया है कि वह अकेले ही चुनाव लड़ेगी। वहीं कांग्रेस में गुटबाजी और AAP के सीएम भगवंत मान को अकाली तख्त ने गुरु दोखी और पंथ विरोधी करार दिया है। कांग्रेस और बीजेपी इस मुद्दे को चुनाव में जोर-शोर से उठा सकती है।
Updated on:
16 Jun 2026 01:58 pm
Published on:
16 Jun 2026 01:46 pm
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