
फाइल फोटो - IANS
Weather Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल सुस्त पड़ गई है। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले 4 से 5 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक के शेष हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। यदि मौसम की वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो जल्द ही इन राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। IMD ने अगले 6-7 दिनों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम तथा मेघालय के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग ने 17 जून को बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना जताई है। वहीं, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं। इसके अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान कई इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
वहीं, 18 जून को सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसी दिन झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश के साथ 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एडवाइजरी जारी करते हुए मछुआरों को सलाह दी है कि वे 20 जून तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में न जाएं। इसके अलावा, बारिश से प्रभावित इलाकों के किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और खड़ी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। वहीं, आम लोगों को आंधी-तूफान के दौरान बिजली गिरने और तेज हवाओं जैसे खतरों से सतर्क रहने को कहा गया है।
Published on:
16 Jun 2026 03:35 pm
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