अविनाश पांडे ने सम्मानजनक सीटें न मिलने पर अकेले चुनाव लड़ने के संकेत दिए। आरजेडी ने कांग्रेस को 243 में से 58 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया। अब इस मामले में सोनिया गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सलाह लेने के बाद अंतिम फैसला लेंगी।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के बीच बिहार विधानसभा चुनाव 2020 को लेकर सियासी घमासान चरम पर है। वहीं महागठबंधन में शामिल सबसे बड़े दो दल आरजेडी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर पेंच फंस गया है। इस मुद्दे पर किसी के पीछे हटने की गुंजाइश कम है। आरजेडी के रुख से नारजा कांग्रेस ने तो सम्मानजनक सीटें न मिलने की स्थिति में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के संकेत दिए है।
जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय जनता दल ने कांग्रेस को फिलहाल 58 सीटों देने का ऑफर दिया है। लेकिन इससे कांग्रेस के नेता संतुष्ट नहीं है। कांग्रेस की बिहार इकाई 243 में से 75 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग पर अड़ी है।
चुनाव नजदीक होने और सीटों के बंटवारे को लेकर बात नहीं बनने की वजह से यह मामला अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तक पहुंच गया है। अब इस मुद्दे पर सोनिया गांधी एक से दो दिनों में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से सलाह लेकर अंतिम फैसला लेंगी।
फिलहाल दोनों तरफ से सीटों को लेकर बातचीत जारी है। बताया जा रहा है कि विवाद गहराने की स्थिति में भारी नुकसान से बचने के लिए डैमेज कंट्रोल के प्रयास जारी हैं। अगर बात नहीं बनी तो कांग्रेस ने महागठबंधन से अलग होकर सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को करना है।
कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने कहा कि आरजेडी और कांग्रेस के नेताओं के बीच बिहार विधानसभा का चुनाव गठबंधन में लड़ने का फैसला किया है। दोनों पार्टी में इस बात पर भी सहमति है कि महागठबंधन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले ) को साथ लेकर चुनाव लड़ा जाए। इसके अलावा मुकेश सहानी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को भी महागठबंधन में एडजस्ट करने की योजना है।
आरजेडी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने सितंबर के पहले सप्ताह में सभी 243 सीटों का सर्वेक्षण करने के बाद कांग्रेस को 73 सीटों की पेशकश की थी। इसमें शर्त यह थी कि कांग्रेस इसमें अपने कोटे से छोटे दलों को समायोजित करेगी। कांग्रेस नेता ने उस समय कहा था कि एक सप्ताह के भीतर वो इस मुद्दे पर जवाब देंगे। लेकिन अब कांग्रेस ने 75 सीटों पर मांग कर दी है। इसके बाद से सीटों को लेकर मतभेद पहले से ज्यादा गहरा गया है।
दूसरी तरफ बिहार चुनाव ( Bihar Election ) के लिए पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी के प्रमुख अविनाश पांडे ने कहा है कि हालात बिगड़ गए हैं। आरजेडी के साथ गठबंधन तभी मजबूत होगा, जब दोनों दलों के बीच सम्मानजनक सीट बंटवारे की समझ होगी। बता दें कि स्क्रीनिंग कमेटी पार्टी के उम्मीदवारों की सूची तैयार करती है और अंतिम चयन के लिए केंद्रीय चुनाव समिति को सूची भेजती है।
पांडे के बयान के बाद आरजेडी ने 58 सीटों के अलावा कांग्रेस को बिहार में वाल्मीकि नगर लोकसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव लड़ने का भी प्रस्ताव दिया है।
कांग्रेस के एक अन्य नेता ने बताया कि आरजेडी का प्रस्ताव कांग्रेस के लिए स्वीकार करने योग्य नहीं है। सोनिया गांधी बीच बचाव कर महागठबंधन को टूटने से बचा चुकी हैं। इस बार भी वो बीच का स्वीकार्य समाघान जरूर निकालेंगी।