CG Politics: छत्तीसगढ़ के नेताओं को जगह दे सकते हैं। साथ ही राजनीतिक और सामाजिक समीकरण का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा। इसके अलावा जिन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव होंगे वहां के लिए विशेष समीकरण बिठाते हुए वहां के वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय टीम में जगह दी जाएगी।
CG Politics: भाजपा केंद्रीय संगठन की नई टीम बनाने की कवायद तेजी से चल रही है। नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नई कार्यकारिणी के लिए शीर्ष नेतृत्व में मंथन चल रहा है। पिछली बार की तरह इस बार भी छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय टीम में प्रमुख पदों पर जगह मिल सकती है। वैसे भी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का छत्तीसगढ़ से गहरा संबंध रहा है। इसलिए वे अपनी पसंद के हिसाब से ही छत्तीसगढ़ के नेताओं को जगह दे सकते हैं। साथ ही राजनीतिक और सामाजिक समीकरण का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा। इसके अलावा जिन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव होंगे वहां के लिए विशेष समीकरण बिठाते हुए वहां के वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय टीम में जगह दी जाएगी।
इस बार बढ़ाया जा सकता है राज्य का प्रतिनिधित्व
भाजपा के सूत्रों के अनुसार नितिन नबीन की नई टीम में इस बार छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सकता है। युवा वर्ग से राजनीतिक और सामाजिक पकड़ वाले नेता केंद्रीय टीम में शामिल किए जा सकते हैं। वैसे भी भाजपा बहुत चौंकाने वाले फैसले लेती है। भाजपा शीर्ष नेतृत्व छत्तीसगढ़ के लिहाज से युवा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को ज्यादा तवज्जो दे रहा है। इसलिए केंद्रीय टीम में भी युवा नेताओं को जगह मिलने की उम्मीद की जा रही है।
अभी ये हैं केंद्रीय टीम में शामिल
बता दें कि छत्तीसगढ़ से अभी दो वरिष्ठ नेता सरोज पांडेय और लता उसेंडी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अजय चंद्राकर,अरुण साव और धरमलाल कौशिक के भी नाम हैं। जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह और संगठन महामंत्री पवन साय पदेन राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने रहेंगे। अब देखना यही है कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में लता उसेंडी और सरोज पांडेय का नाम यथावत रहता है या नहीं या शीर्ष नेतृत्व कोई चौंकाने वाला नया नाम शामिल करता है।
मिल सकता है प्रदेश प्रभारी भी नया
नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश प्रभारी के लिए कवायद की जा रही है। बता दें कि छत्तीसगढ़ को खुद नितिन नबीन ही देखते रहे हैं। अभी क्षेत्रीय संगठन मंत्री के रूप में अजय जामवाल छत्तीसगढ़ का कामकाज देख रहे हैं। उनके पास मध्य प्रदेश का भी प्रभार है। नई टीम के साथ छत्तीसगढ़ को नया प्रदेश प्रभारी भी मिल सकता है। प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति के वक्त छत्तीसगढ़ के आगामी विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव को भी ध्यान में रखा जाएगा।