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एआइ इंफ्रास्ट्रक्चर में 250 अरब डॉलर का निवेश भरोसा, भारत के नेतृत्व को वैश्विक समर्थन

नई दिल्ली। इंडिया एआइ इंपैक्ट समिट 2026 में भारत के ‘ह्यूमन-फर्स्ट एआइ विजन’ को वैश्विक स्तर पर मजबूत समर्थन मिला। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआइ बुनियादी ढांचे में निवेश प्रतिबद्धताएं 250 अरब डॉलर तक पहुंच गई हैं, जबकि डीप-टेक वेंचर कैपिटल फंडिंग 20 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है। […]

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नई दिल्ली। इंडिया एआइ इंपैक्ट समिट 2026 में भारत के ‘ह्यूमन-फर्स्ट एआइ विजन’ को वैश्विक स्तर पर मजबूत समर्थन मिला। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआइ बुनियादी ढांचे में निवेश प्रतिबद्धताएं 250 अरब डॉलर तक पहुंच गई हैं, जबकि डीप-टेक वेंचर कैपिटल फंडिंग 20 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है। यह भारत के एआइ नेतृत्व में बढ़ते वैश्विक विश्वास का स्पष्ट संकेत है।

वैष्णव ने यह बातें समिट के समापन पर पत्रकार वार्ता में कही। मंत्री वैष्णव ने कहा कि अंतिम घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वाले देशों और संगठनों की संख्या 70 से अधिक हो चुकी है और समापन तक इसके 80 से पार जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक एआइ विमर्श में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

पहली बार एक मंच पर आई एआइ कंपनियां

वैष्णव ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति से बढ़े वैश्विक भरोसे के चलते पहली बार सभी प्रमुख एआइ कंपनियां एक मंच पर आईं और स्वैच्छिक सुरक्षा उपायों पर सहमति बनी। संवाद के माध्यम से हासिल की गई यह अभूतपूर्व उपलब्धि है। भारत ने उद्योग को जिम्मेदार एआइ ढांचे के प्रति प्रतिबद्ध करने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है।

पांच लाख से अधिक आंगतुक

समिट में पांच लाख से अधिक आगंतुक शामिल हुए, जिनमें वैश्विक एआइ कंपनियां और स्टार्टअप्स प्रमुख रहे। मंत्रिस्तरीय संवादों और पूर्ण सत्रों में हुई चर्चाओं की गुणवत्ता की व्यापक सराहना की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार युवा पीढ़ी के लिए मजबूत टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश में नए एआइ-संबंधित प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी जाएगी और आने वाले दिनों में एक वैश्विक स्तर की बड़ी तकनीकी पहल शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि युवा इस नई तकनीकी दुनिया में अवसर देखते हैं और सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं, तो यह देश के भविष्य के लिए बेहद उत्साहजनक है।

पैक्स सिलिका में भारत की एंट्री: अमेरिका संग टेक साझेदारी

समिट के पांचवें दिन भारत ने औपचारिक रूप से ‘पैक्स सिलिका’ गठबंधन में शामिल होकर संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ रणनीतिक प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रंखला सहयोग को नई मजबूती दी। यह पहल वैश्विक सिलिकॉन स्टैक महत्वपूर्ण खनिजों से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण और उन्नत एआइ तैनाती तक—को सुरक्षित, लचीला और लोकतांत्रिक ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से बनाई गई है। हस्ताक्षर समारोह में दोनों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस बात को रेखांकित किया कि एआइ-संचालित वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी ढांचे को सुरक्षित करना अब साझा प्राथमिकता है। इस अवसर पर वैष्णव ने कहा कि हम सिर्फ एक शिखर सम्मेलन आयोजित नहीं कर रहे हैं; हम भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। समारोह में संयुक्त राज्य अमेरिका के आर्थिक विकास, ऊर्जा और पर्यावरण मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग ने घोषणा को केवल कागज पर एक समझौता नहीं, बल्कि एक साझा भविष्य के लिए एक रोडमैप बताया। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पैक्स सिलिका में भारत के प्रवेश को रणनीतिक और आवश्यक दोनों बताया।

बचपन से पढ़ता हूं पत्रिका

केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बार फिर राजस्थान पत्रिका की साख-विश्वसनीयता पर मोहर लगाई। समिट के समापन पर पत्रकार वार्ता में जब पत्रिका संवाददाता ने अंग्रेजी में उनसे सवाल पूछना चाहा तो वैष्णव मुस्कुराते हुए बोले, ‘पत्रिका से हिंदी में सवाल पूछना चाहिए। मुझे भी हिंदी में जवाब देने का मौका मिलना चाहिए। बचपन से पत्रिका पढ़ता हूं।’