कांग्रेस पार्टी के सांसदों ने नामित लोगों की लिस्ट कि सार्वजनिक करने की मांग की है। इन सांसदों ने अध्यक्ष पद के चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई है।
कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए अगले महीने चुनाव होने हैं लेकिन उससे पहले ही पार्टी के ही सांसदों ने इसकि प्रक्रिया पर सवाल खड़े किये हैं। इन सांसदों ने इस संबंध में केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री को एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में अध्यक्ष पद के चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई गई है। ये पत्र ऐसे समय में सामने आया है जब राहुल गांधी महत्वाकांक्षी भारत जोड़ों यात्रा पर हैं।
किन सांसदों ने लिखा पत्र?
पार्टी सांसद शशि थरूर, मनीष तिवारी, कार्ति चिदंबरम, प्रद्युत बारदोलोई और अब्दुल खालिक ने ये पत्र लिखा है। इसमें इन सांसदों ने मधुसूदन मिस्त्री से आग्रह किया है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए वोटरों की सूची को प्रकाशित किया जाए।
इन सांसदों ने इस पत्र में लिखा, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संसद सदस्य के रूप में हम पांचों को हमारी पार्टी के अध्यक्ष के लिए चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर चिंतित हैं।"
मधुसूदन मिस्त्री के तर्क पर सांसदों का काउन्टर
मधुसूदन मिस्त्री ने इससे पहले अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामित लोगों की लिस्ट को पार्टी का आंतरिक मुद्दा बताते हुए उसे सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया था।
मधुसूदन मिस्त्री के तर्क पर इन सांसदों ने पत्र में लिखा, "हमारा मानना है कि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले, पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (CEA) को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के प्रतिनिधियों की एक सूची प्रदान करनी चाहिए जो निर्वाचक मंडल बनाते हैं। ये लिस्ट वेरिफाई करने के लिए उपलब्ध कराई जानी चाहिए कि कौन उम्मीदवार नामित करने का हकदार है और कौन वोट देने का हकदार है।"
वॉटर लिस्ट को सार्वजनिक करने के लिए बनाएं मैकेनिज्म
इस पत्र में सांसदों ने लिखा कि 'यदि CEA को इस सूची को सार्वजनिक करने को लेकर कोई चिंता है तो उसे सभी मतदाताओं और संभावित उम्मीदवारों के साथ इस जानकारी को शेयर करने के लिए एक मैकेनिज्म बनाना चाहिए। अध्यक्ष पद के चुनाव में मतदाता, उम्मीदवार सभी 28 कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष (PCC), 9 केंद्र शासित के पास जाकर इलेक्टोरल रोल (मतलब कौन वोट डालेगा) को वेरीफाई नहीं कर सकते हैं।'