संजय सिंह ने संविधान की दसवीं अनुसूची (Anti-Defection Law) के तहत इन सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग की है। हालांकि, नियमों के अनुसार यदि किसी दल के दो-तिहाई सांसद किसी अन्य पार्टी में विलय कर लेते हैं, तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। इस मामले में सात सांसद इस शर्त को पूरा करते हैं, जिससे उनकी सदस्यता पर संकट कम माना जा रहा है।