
AAP के सात सांसद बीजेपी में हुए शामिल (Photo-IANS)
Raghav Chadha join BJP: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पार्टी के सातों सांसदों पर दबाव बनाकर उन्हें बीजेपी में शामिल होने के लिए मजबूर किया है। इनमें अशोक मित्तल समेत अन्य सांसद शामिल हैं।
समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राज्य सभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन उनके द्वारा दी गई याचिका पर फैसला लेते समय संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे। उन्होंने सातों सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है।
AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि ईडी ने अशोक मित्तल पर छापा मारा और बीजेपी ने उन्हें भ्रष्ट बताया। इसी तरह बाकी सांसदों पर भी दबाव या धमकी दी गई होगी। सभापति का फैसला इन सात सांसदों के BJP में विलय वाले पत्र पर आधारित है, लेकिन जब वे मेरी याचिका पर विचार करेंगे, तो उम्मीद है सही निर्णय देंगे।
इस दौरान उन्होंने राघव चड्ढा पर भी निशाना साधा। संजय सिंह ने कहा कि लोगों को खुद को ठगा हुआ महसूस हो रहा है, क्योंकि जिस युवा नेता को उन्होंने समर्थन दिया, वह अब BJP में शामिल हो गया है।
सात सांसदों के शामिल होने के बाद BJP की राज्य सभा में संख्या बढ़कर 113 हो गई है। वहीं AAP को बड़ा झटका लगा है और उसकी ताकत घटकर सिर्फ तीन सांसदों तक सिमट गई है।
AAP छोड़कर BJP में जाने वालों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल के अलावा हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं।
संजय सिंह ने संविधान की दसवीं अनुसूची (Anti-Defection Law) के तहत इन सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग की है। हालांकि, नियमों के अनुसार यदि किसी दल के दो-तिहाई सांसद किसी अन्य पार्टी में विलय कर लेते हैं, तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। इस मामले में सात सांसद इस शर्त को पूरा करते हैं, जिससे उनकी सदस्यता पर संकट कम माना जा रहा है।
संजय सिंह ने अरविंद केजरीवाल के उस फैसले का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में पेश होने से इनकार किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जस्टिस शर्मा ने इस मामले में AAP के खिलाफ कई फैसले दिए, जिन्हें बाद में सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया। साथ ही उन्होंने न्यायाधीश की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।
Updated on:
27 Apr 2026 02:01 pm
Published on:
27 Apr 2026 02:00 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
